वृक्ष शब्द के रूप | Vriksh ke Shabd Roop in Sanskrit (संस्कृत)

Vriksh Shabd Roop in Sanskrit
Vriksh Shabd Roop in Sanskrit

वृक्ष् शब्द रूप

वृक्ष शब्द: अकारांत पुल्लिंग संज्ञा, वृक्ष शब्द अजन्त (अकारांत) पुल्लिंग संज्ञा शब्द है। सभी पुल्लिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनाते है, जैसे: देव, बालक, गज, वृक्ष, सुर, मानव, अश्व, दिवस, ब्राह्मण, छात्र, सूर्य, शिष्य, लोक, ईश्वर आदि।

वृक्ष के रूप: Vriksh Shabd Roop in Sanskrit

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा वृक्ष: वृक्षौ वृक्षा:
द्वितीया वृक्षम् वृक्षौ वृक्षान्
तृतीया वृक्षेन् वृक्षेभ्याम् वृक्षै:
चतुर्थी वृक्षाय वृक्षेभ्याम् वृक्षेभ्य:
पंचमी वृक्षात् वृक्षेभ्याम् वृक्षेभ्य:
षष्ठी वृक्षस्य वृक्षयो: वृक्षानाम्
सप्तमी वृक्षे वृक्षयो: वृक्षेषु
संबोधन हे वृक्ष ! हे वृक्षौ! हे वृक्षा !

शब्द रूप किसे कहते हैं?

शब्द रूप का तात्पर्य एक शब्द के विभिन्न रूपों से है। किसी शब्द में विभक्ति और वचन के आधार पर जो परिवर्तन होता है, उसे “शब्द रूप” कहा जाता है। यह व्याकरण का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो यह बताने में सहायता करता है कि किसी शब्द का प्रयोग वाक्य में किस प्रकार और किस रूप में किया जाना चाहिए।

उदाहरण के लिए: संज्ञा शब्द “बालक के शब्द रूप” अलग-अलग विभक्तियों और वचनों (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) के अनुसार बदलते हैं, जैसे:

  • प्रथमा: बालकः, बालकौ, बालकाः
  • द्वितीया: बालकम्, बालकौ, बालकान्

शब्द रूप याद करने से संस्कृत भाषा को सही ढंग से समझने और उपयोग करने में मदद मिलती है।

अकारांत पुल्लिंग संज्ञा शब्द रूप

महत्वपूर्ण शब्द रूप सूची, संस्कृत व्याकरण:

और अधिक शब्द रूप पढिए: Balak shabd roop, Lata shabd roop, Asmad shabd roop, Nadi shabd roop, Ram shabd roop, Balika shabd roop, Kim shabd roop आदि।

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