प्रद्यो शब्द (पुण्य जिससे उत्तम लोक स्वर्ग की प्राप्ति होती है): प्रद्यो शब्द के ओकारान्त नपुंसकलिंग शब्द के शब्द रूप, प्रद्यो (Pradyo) शब्द के अंत में “ओ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह ओकारान्त हैं। अतः Pradyo Shabd के Shabd Roop की तरह प्रद्यो जैसे सभी ओकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। प्रद्यो शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Pradyo Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।
प्रद्यो के शब्द रूप – Shabd Roop of Pradyo
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | प्रद्यु | प्रद्युनी | प्रद्यूनि |
| द्वितीया | प्रद्यु | प्रद्युनी | प्रद्यूनि |
| तृतीया | प्रद्युना | प्रद्युभ्याम् | प्रद्युभिः |
| चतुर्थी | प्रद्युने | प्रद्युभ्याम् | प्रद्युभ्यः |
| पंचमी | प्रद्युनः | प्रद्युभ्याम् | प्रद्युभ्यः |
| षष्ठी | प्रद्युनः | प्रद्युनोः | प्रद्युनाम् |
| सप्तमी | प्रद्युनि | प्रद्युनोः | प्रद्युषु |
| सम्बोधन | हे प्रद्यु/प्रद्यो ! | हे प्रद्युनी ! | हे प्रद्यूनि ! |
प्रद्यो शब्द का अर्थ/मतलब
प्रद्यो शब्द का अर्थ पुण्य जिससे उत्तम लोक स्वर्ग की प्राप्ति होती है होता है। प्रद्यो शब्द ओकारान्त शब्द है इसका मतलब भी “पुण्य जिससे उत्तम लोक स्वर्ग की प्राप्ति होती है” होता है।
