काँच के प्रकार – नाम, प्रकार और उपयोग, Kanch Ke Prakar

काँच के चार प्रकार निम्न हैं- (i) साधारण या मृदु काँच (ii) कठोर काँच (iii) फ्लिन्ट काँच (iv) फोटोक्रोमिक काँच
Kanch Ke Prakar -Types of Glass
Kanch Ke Prakar

काँच के प्रकार और उपयोग

मृदु कांच (सोडा कांच)

परखनली, ट्यूबलाइट , बोतलें बनाने में इनका उपयोग किया जाता है। सोडा कांच भंगुर होता है, जिस कारण यह सुगमतापूर्वक टूट जाता है, साथ ही साथ ताप में अचानक परिवर्तनों के फलस्वरूप इनमें दरारें भी पड़ जाती हैं। यह सबसे सस्ता व सर्वनिष्ठ कांच होता है।

कठोर काँच

कड़ा हुआ ग्लास क्विक डिटेल्स उत्पाद विवरण हुअनै कड़ा ग्लास को टेम्पर्ड ग्लास भी कहा जाता है। ठोर ग्लास को तोड़ना मुश्किल है। यहां तक कि टूटा हुआ, यह बहुत सारे मिनी टुकड़े बन जाएगा, जिससे लोगों को चोट नहीं पहुंचेगी।

फ्लिन्ट काँच

कैमरा , दूरबीन , लेंस बनाने में उपयोग किया जाता है। लैड काँँच या फ्लिन्ट काँच को लिथार्ज (Pbo),पोटेशियम कार्बोनटे , सोडा राख, चूना पत्थर और सिलिका को उचित अनुपात में संगलित करके बनाया जाता है। इसका अनुमानत: संघटन है।

फोटोक्रोमिक काँच (प्रकाशवर्णी)

धूप के चश्मे बनाने में इनका उपयोग किया जाता है। प्रकाशवर्णी लेंस (Photochromic lenses) ऐसे लेंसों को कहते हैं जिनके ऊपर पराबैंगनी (ultraviolet) विकिरण पड़ने पर पहले से अधिक गहरे (Dark) हो जाते हैं और जब पराबैंगनी प्रकाश हटा लिया जाय तो वे पुनः वैसे ही हो जाते है।

पोटाश कांच

कांच के बर्तन बनाने में किया जाता है। अधिक ताप तक गर्म किये जाने वाले कांच के बर्तन व प्रयोगशाला उपकरण मे किया जाता है

क्रक्स कांच

धूप चश्मा के लेंस में किया जाता है।

पाइरेक्स काँच

प्रयोगशाला के उपकरण बनाने में इनका उपयोग किया जाता है।

सोडा काँच

ट्यूबलाइट , बोतलें बनाने में इनका उपयोग किया जाता है।

क्राउन कांच

विद्युत बल्ब बनाने में इनका उपयोग किया जाता है।

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