मातृ (माता) शब्द के रूप | Matri (Mata) Shabd Roop in Sanskrit

Matri, Mata Shabd Roop in Sanskrit

मातृ (माता) शब्द के रूप

मातृ शब्द (माता) : ऋकारान्त स्त्रील्लिंग संज्ञा, सभी ऋकारान्त स्त्रील्लिंग संज्ञापदों के रूप इसी प्रकार बनाते है। परन्तु स्वसृ का रूप थोड़ा भिन्न होता है।

मातृ (माता) के रूप : Matri (Mata) Shabd Roop in Sanskrit

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा माता मातरौ मातरः
द्वितीया मातरम् मातरौ मातृ
तृतीया मात्रा मातृभ्याम् मातृभिः
चतुर्थी मात्रे मातृभ्याम् मातृभ्यः
पंचमी मातुः मातृभ्याम् मातृभ्यः
षष्ठी मातुः मात्रोः मातृणाम्
सप्तमी मातरि मात्रोः मातृषु
सम्बोधन हे माता ! हे मातरौ ! हे मातरः !

शब्द रूप किसे कहते हैं?

जैसा कि हम उच्चारण से समझ सकते हैं शब्द रूप अर्थात एक शब्द के विभिन्न रूप होते हैं। शब्द रूप की परिभाषा यह है कि शब्द के विभिन्न विभक्तियों में होने वाले परिवर्तन को शब्द रूप कहते हैं। शब्द रूप व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है, इसे याद करने से हमें यह जानने में मदद मिलती है कि किसी शब्द का प्रयोग विभक्ति और वचन के अनुसार किस प्रकार किया जाता है।

शब्द रूप को कितने भागों में बांटा गया है?

शब्द रूपों को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जा सकता है-

  1. विकारी शब्द रूप: विकारी शब्द रूप वे शब्द हैं जो विभक्तियों के अनुसार अपना रूप बदलते हैं।
  2. अविकारी शब्द रूप: अविकारी शब्द रूप वे शब्द हैं जो विभक्तियों के अनुसार अपना रूप नहीं बदलते हैं।

महत्वपूर्ण शब्द रूप सूची: शब्द रूपों की सूची, संस्कृत व्याकरण

और अधिक शब्द रूप पढिए: Balak shabd roop, Lata shabd roop, Asmad shabd roop, Nadi shabd roop, Ram shabd roop, Balika shabd roop, Kim shabd roop आदि।

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