भर्तृ (भर्ता) शब्द के रूप (Bhartr Ke Shabd Roop) – संस्कृत

भर्तृ शब्द (भर्ता, गौरीभर्ता, शिव, स्त्री का पति, स्वामी, मालिक, खाविंद): भर्तृ शब्द के ऋकारान्त पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप, भर्तृ (Bhartr) शब्द के अंत में “ऋ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह ऋकारान्त हैं। अतः Bhartr Shabd के Shabd Roop की तरह भर्तृ जैसे सभी ऋकारान्त पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। भर्तृ शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Bhartr Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

भर्तृ के शब्द रूप – Shabd roop of Bhartr

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा भर्ता भर्तारौ भर्तारः
द्वितीया भर्तारम् भर्तारौ भर्तॄन्
तृतीया भर्त्रा भर्तृभ्याम् भर्तृभिः
चतुर्थी भर्त्रे भर्तृभ्याम् भर्तृभ्यः
पंचमी भर्तुः भर्तृभ्याम् भर्तृभ्यः
षष्ठी भर्तुः भर्त्रोः भर्तॄणाम्
सप्तमी भर्तरि भर्त्रोः भर्तृषु
सम्बोधन हे भर्ता ! हे भर्तारौ ! हे भर्तरः !

भर्तृ शब्द का अर्थ/मतलब

भर्तृ शब्द का अर्थ गौरीभर्ता, शिव, स्त्री का पति, स्वामी, मालिक, खाविंद, पृथ्वी का स्वामी, राजा, पर्वत, भूधर होता है। भर्तृ शब्द ऋकारान्त शब्द है इसका मतलब भी “गौरीभर्ता, शिव, स्त्री का पति, स्वामी, मालिक, खाविंद” होता है।

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