अनादि शब्द के रूप | Anadi Shabd Roop in Sanskrit (संस्कृत)

Anadi Shabd Roop in Sanskrit
Anadi Shabd Roop in Sanskrit

अनादि शब्द रूप

अनादि शब्द (जिसकी आदि ना हो, Without beginning): इकारांत नपुंसकलिंग संज्ञा, सभी इकारांत नपुंसकलिंग संज्ञापदों के रूप इसी प्रकार बनाते है।

अनादि के रूप: Anadi Shabd Roop in Sanskrit

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा अनादि अनादिनी अनादीनि
द्वितीया अनादि अनादिनी अनादीनि
तृतीया अनादिना अनादिभ्याम् अनादिभिः
चतुर्थी अनादये / अनादिने अनादिभ्याम् अनादिभ्यः
पञ्चमी अनादेः / अनादिनः अनादिभ्याम् अनादिभ्यः
षष्ठी अनादेः / अनादिनः अनाद्योः / अनादिनोः अनादीनाम्
सप्तमी अनादौ / अनादिनि अनाद्योः / अनादिनोः अनादिषु
संबोधन हे अनादे / अनादि ! हे अनादिनी ! हे अनादीनि !

शब्द रूप किसे कहते हैं?

शब्द रूप का तात्पर्य एक शब्द के विभिन्न रूपों से है। किसी शब्द में विभक्ति और वचन के आधार पर जो परिवर्तन होता है, उसे “शब्द रूप” कहा जाता है। यह व्याकरण का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो यह बताने में सहायता करता है कि किसी शब्द का प्रयोग वाक्य में किस प्रकार और किस रूप में किया जाना चाहिए।

उदाहरण के लिए:

संज्ञा शब्द “बालक के शब्द रूप” अलग-अलग विभक्तियों और वचनों (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) के अनुसार बदलते हैं, जैसे:

  • प्रथमा: बालकः, बालकौ, बालकाः
  • द्वितीया: बालकम्, बालकौ, बालकान्

शब्द रूप याद करने से संस्कृत भाषा को सही ढंग से समझने और उपयोग करने में मदद मिलती है।

महत्वपूर्ण शब्द रूप सूची: शब्द रूपों की सूची, संस्कृत व्याकरण

और अधिक शब्द रूप पढिए: Balak shabd roop, Lata shabd roop, Asmad shabd roop, Nadi shabd roop, Ram shabd roop, Balika shabd roop, Kim shabd roop आदि।

You May Also Like