वारि शब्द के रूप | Vari Shabd Roop in Sanskrit

Vari Shabd Roop in Sanskrit

वारि शब्द के रूप

वारि शब्द (जल, Water): इकारान्त नपुंसकलिंग संज्ञा, सभी इकारान्त नपुंसकलिंग संज्ञापदों के रूप इसी प्रकार बनाते है।

वारि के रूप – Vari Shabd Roop in Sanskrit

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा वारि वारिणि वारीणि
द्वितीया वारि वारिणी वारीणि
तृतीया वारिणा वारिभ्याम् वारिभिः
चतुर्थी वारिणे वारिभ्याम् वारिभ्यः
पंचमी वारिणः वारिभ्याम् वारिभ्यः
षष्ठी वारिणः वारिणोः वारीणाम्
सप्तमी वारिणि वारिणोः वारिषु
सम्बोधन हे वारि ! हे वारिणी ! हे वारीणि !

वारि शब्द इकारान्त नपुंसकलिंङ्ग् संज्ञा शब्द है। सभी इकारान्त नपुंसकलिंङ्ग् संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनते हैं, जैसे- अक्षि, अनादि, अस्थि, दधि, सक्थि आदि।

शब्द रूप किसे कहते हैं?

जैसा कि हम उच्चारण से समझ सकते हैं शब्द रूप अर्थात एक शब्द के विभिन्न रूप होते हैं। शब्द रूप की परिभाषा यह है कि शब्द के विभिन्न विभक्तियों में होने वाले परिवर्तन को शब्द रूप कहते हैं। शब्द रूप व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है, इसे याद करने से हमें यह जानने में मदद मिलती है कि किसी शब्द का प्रयोग विभक्ति और वचन के अनुसार किस प्रकार किया जाता है।

शब्द रूप को कितने भागों में बांटा गया है?

शब्द रूपों को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जा सकता है-

  1. विकारी शब्द रूप: विकारी शब्द रूप वे शब्द हैं जो विभक्तियों के अनुसार अपना रूप बदलते हैं।
  2. अविकारी शब्द रूप: अविकारी शब्द रूप वे शब्द हैं जो विभक्तियों के अनुसार अपना रूप नहीं बदलते हैं।

महत्वपूर्ण शब्द रूप सूचीशब्द रूपों की सूची, संस्कृत व्याकरण

और अधिक शब्द रूप पढिएBalak shabd roopLata shabd roopAsmad shabd roopNadi shabd roopRam shabd roopBalika shabd roopKim shabd roop आदि।

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