आवश्यकता और लालच में क्या अंतर है? आवश्यकता और लालच में फर्क

Avashyakata Aur Lalach Mein Antar
Avashyakata Aur Lalach Mein Antar

आवश्यकता और लालच– आवश्यकता का अर्थ जरूरत से लिया जा सकता है। जीवित और खुश रहने के लिए जितने संसाधनों की जरूरत एक मनुष्य को पड़ती है, उसे आवश्यकता कहते हैं। जैसे एक व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए प्रोटीन युक्त खाने की जरूरत होती है जिसमें चावल ,दाल, रोटी,हरी/ताजी सब्जियाँ,सलाद होने चाहिए। ये स्वस्थ और खुश रहने के लिए जरूरी है। इसलिए ये आवश्यकता है। जो जरूरी है,वहीं आवश्यकता है।

दूसरी तरफ लालच– कभी पूरी न हो सकने वाली भूख है। लालच किसी भी वस्तु का हो सकता है। इसमें व्यक्ति को अधिकाधिक की चाह होती है। वो चाहता है,जो है सब उसका ही हो।वो जितना उसके पास है उसमें संतोष नहीं करता न उससे खुश होता है,वो बस और ज्यादा की चाहत रखता है। लालच तृष्णा का ही रूप है और दोनों ही समानार्थक हैं।

अवश्यकता और लालच में सबसे बड़ा अंतर यह है कि आवश्यकता समय के साथ पूरी होती है परंतु लालच बस बढ़ते ही जाता है। बात जहाँ तक व्यवहार की है, तो आवश्यकता की पूर्ति हेतु इन्सान मेहनत के लिए प्रोत्साहित होता है। परंतु लालच की पूर्ति होना असंभव है और इसकी चाह इन्सान को अपने उसूलों के विरुद्ध जाने को मजबूर कर देती है।

अपने विवेक का उपयोग करते हुए अपने आप को इसका अंतर समझाना बहुत ज़रूरी है।

विस्तार से समझें- आवश्यकता और लालच में अंतर क्या है?

बहुत तेज भूख लगी है अच्छा होता अगर कुछ खाने को मिल जाता, उसके बाद सर ने समौसे मंगाए, समौसा हमारी जरूरत थी क्योंकि हमे भूख लगी थी। समौसा आने के बाद …अरे कोल्ड ड्रिंक साथ मे आती तो मजा आ जाता। समौसा हमारी आवश्यकता थी और कोल्ड ड्रिंक लालच।

उदाहरण बहुत सरल शब्दो में है और समझने के लायक

दूसरा उदाहरण…. मै Point वाले Game खेलती हूँ तो सबसे Point बनाने जरूरी थे क्योंकि दूसरे गेम के लॉक खोलने थे।

फिर मैं थोड़ी दिनों बाद मैं दिनभर गेम खेलने लगी ताकि Points मिले और मैं नये नये गेम खोलूं तो पहले मेरी जरूरत, फिर वो Point मेरी लालच बन गये

आवश्यकता हो सकती है – अच्छा खाना, अच्छा पानी, अच्छी आय, अच्छा रिश्ता, अच्छा स्वास्थ्य, अच्छे कपड़े।

लालच हो सकता है – लालच के कुछ उदाहरण जिनमें पैसे शामिल नहीं हैं:-

  1. एक व्यक्ति जो अपने लिए घर में सभी कुकीज़ लेता है, साझा नहीं करता है, भले ही वह दूसरों को जानता है, कुछ लोग चाहते हैं।
  2. किसी कार्य पर एक व्यक्ति जो दूसरों के कड़ी मेहनत के लिए क्रेडिट लेता है और जो बोनस धन या पुरस्कार का बड़ा हिस्सा लेता है बिक्री के लिए, भले ही वह वास्तव में कमाई करने के लिए कुछ भी नहीं करता था।
  3. एक कर्मचारी जो अपने नियोक्ता के खर्च पर भारी छुट्टियां लेता है, यह दावा करके कि छुट्टियां व्यापार यात्राएं हैं, भले ही वे वास्तव में नहीं हैं।
  4. एक व्यक्ति जो एक भूखे व्यक्ति को देखता है और रोटी लेता है खुद के लिए खाने के लिए उस व्यक्ति के हाथों से बाहर, भले ही उसके पास अपना खाना खरीदने के लिए पर्याप्त पैसा है।
  5. एक व्यक्ति जो अपने आयकरों का भुगतान करने से इनकार करता है कि उसे कानून द्वारा भुगतान करने की आवश्यकता होती है क्योंकि वह अधिक पैसा रखना चाहता है पूरी तरह से समाज की लागत के बावजूद खुद के लिए अर्जित किया।

ये लालची व्यवहार के सभी उदाहरण हैं। दूसरों से लेने या दूसरों के खर्च पर खुद को समृद्ध करने का कोई निर्णय लालच का एक उदाहरण है और कुछ ऐसा है जो हर कीमत से बचा जाना चाहिए।

आप देख सकते हैं कि लालच अधिक जरूरत है, यह आधुनिक जीवन का प्रभाव है।

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