भाग – भाज्य, भाजक, भागफल, शेषफल

भाग, भाज्य, भाजक, भागफल, शेषफल

भाग (Division)

गुणा करने की क्रिया के विपरीत क्रिया को विभाजन (division) या भाग करना कहा जाता है। भाग को ÷ या / चिह्न से प्रदर्शित किया जाता है। जैसे:-

1585 ÷ 5 = 317 या 1585 / 5 = 317

भाजन गणित में वह क्रिया है जिससे दो संख्याओं का गुणनफल और इन संख्याओं में से एक के दिए रहने पर दूसरी ज्ञात की जाती है। दिए हुए गुणनफल को ‘भाज्य’ (dividend or numerator), दी हुई संख्या को ‘भाजक’ (divisor or denominator) और अभीष्ट संख्या को ‘भागफल’ (quotient) कहते हैं।

भाज्य (Dividend)

भाग करते समय जिस संख्या में भाग दिया जाता हैं, उस संख्या को हम भाज्य (Dividend) कहते हैं।

भाजक (Divisor)

भाग करते समय जिस संख्या से भाग दिया जाता हैं, उस संख्या को हम भाजक (Divisor) कहते हैं।

भागफल (Quotient)

भाग करते समय भाज्य में भाजक का जितनी बार भाग जाता, तो जो संख्या प्राप्त होती है, उस संख्या को हम भागफल (Quotient) कहते हैं।

शेषफल (Reminder)

भाग करते समय भाजक का जो भाग भाज्य से छोटा बचता है, उस संख्या को हम शेषफल (Reminder) कहते हैं।

उदाहरण: 1588 में 5 का भाग करने पर

Bhajya Bhajak Bhagfal Sheshfal
Bhajya Bhajak Bhagfal Sheshfal

भाज्य शेषफल = भाजक × भागफलश

शेषफल न्यूनतम 0 हो सकता है। जबकि अधिकतम भाजक से एक कम हो सकता है।

भाज्य, भाजक, भागफल तथा शेषफल में सम्बन्ध

भाज्य = ( भाजक x भागफल ) + शेषफल

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