मानक मीटर (Meter) – परिभाषा और अर्थ – दूरी के अन्य मात्रक

जैसा कि आप जानते हैं मीटर लंबाई का मात्रक हैं। विज्ञान में मात्रकों की एस॰ आई॰ प्रणाली (International System of Units) में लंबाई का मात्रक “मानक मीटर“, द्रव्यमान का मात्रक “मानक किलोग्राम“, समय का मात्रक “मानक सेकंड“, वैद्युत धारा का मात्रक “एम्पियर“, ताप का मात्रक “केल्विन“, तथा ज्योति-तीव्रता का मात्रक “कैन्डला” है।

Meter
Meter

मानक मीटर (Standard Meter)

सर्वप्रथम इसकी परिभाषा इस प्रकार दी गई-

1 मानक मीटर वह लम्बाई है जो पेरिस में रखी हुई प्लेटिनम-इरेडियम (90% प्लेटिनम तथा 10% इरेडियम) की छड़ पर बने दो चिन्हों के बीच की दूरी है जबकि छड़ का ताप 0°C हो।

चूंकि यह मानक नष्ट हो सकता है तथा फिर दोबारा नहीं बनाया जा सकता, अतः सन् 1960 ई० में अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में मीटर की लम्बाई को प्रकाश की तरंगों के पदों में व्यक्त किया गया। यह तय किया गया कि –

1 मानक मीटर वह दूरी है जिसमें शुद्ध क्रिप्टन-86 से उत्सर्जित होने वाले नारंगी प्रकाश की 16,50,763.73 तरंगें आती हैं।

इस प्रकार, मीटर क्रिप्टन-86 से उत्सर्जित होने वाली नारंगी प्रकाश की तरंग-दैध्र्य का 16,50,763.73 गुना बड़ा होता है।

दूरी के अन्य मात्रक

सुविधा के लिए लम्बाई के और भी छोटे व बड़े मात्रक बनाये गये हैं जो इस प्रकार हैं –

  • 1 किलोमीटर (किमी) = 103 या 1000 मीटर (मी)
  • 1 डेसीमीटर = 10-1 मीटर
  • 1 मीटर = 102 या 100 सेन्टीमीटर (सेमी)
  • 1 सेमी = 10 मिलीमीटर (मिमी)

मानक मात्रकों से संबन्धित अन्य लेख

यह चैप्टर भौतिक विज्ञान के मापन का ही एक हिस्सा है, मापन चैप्टर से संबन्धित अन्य लेख इस प्रकार हैं-

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