केल्विन (Kelvin) – ताप का मात्रक, परिभाषा और अर्थ

केल्विन “ताप” का मात्रक हैं। विज्ञान में मात्रकों की एस॰ आई॰ प्रणाली (International System of Units) में लंबाई का मात्रक “मानक मीटर“, द्रव्यमान का मात्रक “मानक किलोग्राम“, समय का मात्रक “मानक सेकंड“, वैद्युत धारा का मात्रक “एम्पियर“, ताप का मात्रक “केल्विन“, तथा ज्योति-तीव्रता का मात्रक “कैन्डला” है।

Kelvin
Kelvin

केल्विन (Kelvin)

यह एस० आई० प्रणाली में ताप का मात्रक है। CGS पद्धति में ताप का मात्रक °C (डिग्री सेंटीग्रेट) होता है। एस० आई० प्रणाली में केल्विन की परिभाषा इस प्रकार है –

सामान्य वायुमण्डलीय दाब पर गलती बर्फ के ताप तथा उबलते जल के ताप के अन्तर के सौवें भाग को 1 केल्विन (K) कहते हैं।

केल्विन को अङ्ग्रेज़ी वर्णमाला के बड़े अक्षर “K” से प्रदर्शित करते हैं।

उबलते हुए शुद्ध जल का तापमान 100°C होता है, इसकी माप एस० आई० प्रणाली में 373K (373 केल्विन) होगी, जिसे जल का क्वथनांक कहते हैं।

इसी प्रकार शुद्ध जल से बनी हुई पिघलती हुई वर्फ का तापमान 0°C होता है, इसकी माप एस० आई० प्रणाली में 273K (273 केल्विन) होगी, जिसे जल का गलनांक कहते हैं।

हिमांक वह ताप होता है जिस पर कोई पदार्थ द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।

इससे हमें पता चलता हैं कि-

  • 0°C = 273K
  • 100°C = 373K

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