कोटिमान (Order of Magnitude) – Kotiman

कोटिमान (Order of Magnitude – Kotiman) को समझने से पहले संख्याओं को दस की घातों के रूप में व्यक्त करना जानेंगे उसके बाद कोटिमान (Order of Magnitude – Kotiman) के बारे में विस्तार से आंकिक उदाहरण के माध्यम से परिभाषा और अर्थ सहित जानेंगे।

संख्याओं को दस की घातों के रूप में व्यक्त करना

10 को गणित तथा भिन्नात्मक संख्याओं को 10 के ऊपर क्रमशः धन तथा ऋण घाते चढ़ाकर लिखा जा सकता है।
उदाहरणार्थ:

1 = 100 1 = 100
10 = 101 0.1 = 10-1
100 = 102 0.01 = 10-2
1000 = 103 0.001 = 10-3
10000 = 104 0.0001 = 10-4
100000 = 105 0.00001 = 10-5

उपरोक्त आधार पर हम किसी भी संख्या को 10 की घातों के रूप में निम्न प्रकार लिख सकते हैं :

400 4 x 100 4 x 102
12000 1.2 x 10000 1.2 x 104
5610000 5.61 x 1000000 5.61 x 106
0.000121 1.21 x 0.0001 1-21×10-4
0.0000095 9.5 x 0.000001 9.5×10-6

इन उदाहरणों से यह स्पष्ट है कि कोई भी दी गई संख्या, 10 की किसी धन अथवा ऋण घात तथा एक अन्य ऐसी संख्या के गुणनफल से व्यक्त की जा सकती है जो कि 1 से अधिक परन्तु 10 से कम हो। (उपरोक्त उदाहरणों में वह अन्य संख्या क्रमशः 4, 1.2, 5.61, 1.21 तथा 9.5 है। वैज्ञानिक अध्ययन में विभिन्न राशियों के परिमाणों को प्रायः 10 की घातों के रूप में लिखा जाता है। ऐसा करना बहुत सुविधाजनक होता है, विशेषकर यदि कोई परिमाण बहत बड़ा अथवा बहत छोटा हो।

उदाहरण के लिये, सूर्य से पृथ्वी की दूरी 149000000 किमी है। इसे 1.49 x 108 किमी लिखना अधिक सुविधाजनक है। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.0 x 10-31 किग्रा होता है। यदि हम इसे साधारण रूप से लिखना चाहें तो हमें 9 से पहले तीस जीरो रखकर दशमलव लगाना होगा। इससे यह स्पष्ट है कि विज्ञान में 10 की घातों का उपयोग किये बिना हमारा कार्य चल ही नहीं सकता।

10 की घातों में व्यक्त की गई संख्याओं का एक लाभ यह भी है कि उनका गुणा व भाग करना बहुत सरल होता है, क्योकि गुणा करने में घाते सदेव जुड़ती हैं तथा भाग करने में घटती हैं। उदाहरण के लिये:-

= (8.91 x 102) x (1.10 x 104)
= 8.91 x 1.10 x 102 x 104
= 9.801 x 106

ऐसी संख्याओं को जोड़ने तथा घटाने में यह ध्यान रखना चाहिए कि दोनों संख्याएँ 10 का समान घातों में व्यक्त हों। उदाहरण के लिये, यदि हम 1.20 x 102 तथा 5.63 x 103 को जोड़ना हो तब पहले दोनों संख्याओं को 10 की समान घातों के साथ लिखेंगे। इस प्रकार-

1-20 x 10% +5.63 x 102 = 0-120 x 10-5.63 – 10

= (0-1200 +5.63) – 10

=5.75 x 10′.

कोटिमान (Order of Magnitude)

यदि हम किसी राशि के परिमाण को उसके निकटतम 10 की घात के रूप में लिखें तो 10 की घात के स्लप में। प्राप्त इस निकटतम मान को उस राशि का ‘कोटिमान‘ कहते हैं।

कोटिमान ज्ञात करना :

किसी राशि अथवा संख्या का कोटिमान ज्ञात करने के लिय सबसे पहले उस संख्या का का घातो के रूप में इस प्रकार लिखते है कि संख्या का एक अंक दशमलव बिन्द से पहले हो तथा शेष क दशमलव बन्दक।
बाद हो ।

जैसे, 22 को 2.2×10′ के रूप में, 450 को 4.50 – 10- के रूप में, 62.51016 को 6.26×10° के रूप में । 0.00325 को 3.25×103 के रूप में, इत्यादि।

इस प्रकार दी गई संख्या, दो संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखी जाती है। एक तो दशमलब बाली संख्या तथा ।
दूसरी 10 की घात वाली संख्या । दशमलव वाली संख्या । व 10 के बीच में है। अब यह देखते हैं कि यह संख्या 1×10
के वर्गमूल अर्थात् 1×10 =3-16 से छोटी है अथवा बड़ी। यदि यह 3.16 ही है अथवा इससे छोटी है तब दी गई
संख्या का कोटिमान 10 की घात वाली संख्या के बराबर होगा; यदि बड़ी है तब दी गई संख्या का कोटिमान 10 की घात
वाली संख्या में । घात बढ़ाने पर प्राप्त होगा। उदाहरण के लिये, 2.2×10 मे 2.2.3.16 से छोटा है: अत: 2.2×10
का कोटिमान 10 होगा। 4.50 x 10- में 4.50. 3.16 से बड़ा है; अत: इसका कोटिमान 10′ होगा। इसी प्रकार ..
3.25×10-3 में 3.25. 3-16 से बड़ा है; अत: 3.25 – 10′ का कोटिमान 10.1 -10 होगा। इसी प्रकार यह
देखा जा सकता है कि:

2.31 का कोटिमान 100 है.
133 का कोटिमान 10- है,
7.3×101% का कोटिमान 104 है.
0.0036 का कोटिमान 102 है,
9.1-10-2% का कोटिमान, 1027 है।

आंकिक उदाहरण
1.0.00038 तथा के कोटिमान बताइये।

“15890
हल : 0-00038 = 3.8×104
3.8.10” तथा 10 के बीच में है, परन्तु इनया गुणनफल के वर्गमूल अर्थात 1-10-3.16 से अधिक है। इस प्रकार।
3.8.10′ के अधिक निकट है। अत: इसका कोटिमान 10′ है।

1.0.00038 का कोटिमान -101-104-10-3,

–0.000063-6-3-10-.

15890
6.3.3.16 से अधिक है, अत: इसका कोटिमान 10 है।

– का कोटिमान -10×10-6-10-4

15890
2. प्रकाश सूर्य से पृथ्वी तक लगभग 8 मिनट में आता है । पृथ्वी की सूर्य से दूरी (किमी में ) किस कोटि की है।
(प्रकाश का वेग = 3.0×10 किमी/सेकण्ड)।
हल :

समय =8 मिनट =8×60 = 480 सेकण्ड ।

वेग =3-0 x 105 किमी/सेकण्ड।
… दूरी = वेग x समय

(3.0×10′) x 480 =1-44×10% किमी।
चूँकि 1-44, 3-16 से कम है, अत: 1-44 का कोटिमान 10° है। .

.. पृथ्वी की सूर्य से दूरी का कोटिमान =10° x 10 किमी = 10 किमी ।।
3. एक ऐल्फा कण 10 माइक्रो-सेकण्ड में 3.5 मीटर दूरी तय करता है। कण की चाल का कोटिमान
मीटर/सेकण्ड में व्यक्त कीजिये।
हल:

10 माइक्रो-सेकण्ड =10 x 10-6 =10-5 सेकण्ड ।
: कण की चाल =55 मोटर3.5×10 मीटर/सेकण्ड ।

10-5 सेकण्ड
3.5, 3.16 से अधिक है। इस प्रकार 3.5,101 के अधिक निकट है। अत: 3.5 का कोटिमान 10′ है।

कण की चाल का कोटिमान =101 x 10 -10° मीटर/सेकण्ड ।
4. पृथ्वी की त्रिज्या लगभग 6x 103 किमी है तथा इसका औसत घनत्व 7 ग्राम/सेमी है। पृथ्वी के द्रव्यमान
का कोटिमान.क्या होगा?
हल: पृथ्वी की त्रिज्या =6×103 किमी =6x10x10% सेमी -6×10% सेमी।

पृथ्वी का आयतन -xux (त्रिज्या)3

-42x (6×10 सेमी) 3 – 6336 x 1024 सेमी’ ।
.. पृथ्वी का द्रव्यमान = आयतन x घनत्व

6336 x 1024 सेमी

7
= 6336×1024 ग्राम

=6-336×107 ग्राम = 6.3×1027 ग्राम (लगभग)।
6-3,3-16 से अधिक है। अत: 6-3 का, कोटिमान 10′ है।

पृथ्वी के द्रव्यमान का कोटिमान =10′ x 1027 = 1028 ग्राम ।
5. यूरेनियम के एक परमाणु का औसत द्रव्यमान 3-7×10-22 ग्राम है। युरेनियम के 1 ग्राम के पिंड में
यूरेनियम परमाणुओं की संख्या का कोटिमान ज्ञात कीजिये।

सेमी

प्राम

हल : 1 ग्राम के पिंड में यूरेनियम परमाणुओं की संख्या ।

1

3.7×10-22 = 2.7×1021

2.7.100 व 10 के बीच में है। परन्तु यह इनके गुणनफल के वर्गमूल अर्थात् 1×10 =3.16 से कम है। इस प्रकार ।
2.7.10° (अर्थात् 1) के अधिक निकट है। अत: 27 का कोटिमान 10° है।

.: परमाणुओं की संख्या का कोटिमान =10° x1021 = 1021

 

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