मृतिका क्या है? समझाइए, मृतिका और मृत्तिका

मृतिका क्या है? उच्च ताप पर पके हुए बरतन अर्थात पकी हुई मिट्टी को ही मृतिका कहते हैं। इस प्रकार की मिट्टी का प्रयोग कुम्हार अपने वर्तन वनाने में करता है, परंतु जब वह जिस मिट्टी का वर्तन वनाता है तब उस मिट्टी को मृतिका नहीं कहते हैं, उसे आग में पकाने के बाद जो लाल रंग का वर्तन हो जाता हैं उस लाल रंग के वर्तन की मिट्टी को ही मृतिका कहते हैं।

Mritika
Mritika

मृतिका और मृत्तिका (Clay) में अंतर

मृत्तिका एक महीन दाने वाली प्राकृतिक चट्टान या मिट्टी की सामग्री है जो क्वार्ट्ज, धातु ऑक्साइड और कार्बनिक पदार्थों के संभावित ट्रेस के साथ एक या अधिक मिट्टी के खनिजों को जोड़ती है। भूगर्भीय मिट्टी के जमाव ज्यादातर खनिज संरचना में फंसे पानी की परिवर्तनशील मात्रा के साथ phyllosilicate खनिजों से बने होते हैं।

Clay is a fine-grained natural rock or clay material that combines one or more clay minerals with a possible trace of quartz, metal oxides, and organic matter. Geological soil deposits are mostly composed of phyllosilicate minerals with variable amounts of water trapped in the mineral composition.

मृत्तिका (Clay) एक व्यापक स्तर पर प्रयोग होने वाला शब्द है। ज़्यादातर 2 माइक्रॉन से छोटे व्यास (diameter) वाले कणों वाले अवसादी शैलों को ‘मृत्तिका’ कहते हैं। यह मुख्यतः अलमुनियम के सिलिकेट एवं अन्य बहुसिलिकेट (पॉलीसिलिकेट) का मिश्रण होता है। मृत्तिका जिन मुख्य खनिजों से बनी होती है उन्हें ‘मृत्तिका खनिज’ कहते हैं।

भूतकनीकी दृष्टि से मृत्तिका उन मृत्तिका खनिजों को कहते हैं जिनके कणों का आकार ४ माइक्रॉन से छोटा होता है। (४ माइक्रॉन से लेकर ५० माइक्रॉन तक के आकार वाले अवसादी शैलों को गाद तथा ५० माइक्रॉन से बड़े कण-आकार वाले अवसादी शैलों को बालू कहते हैं।)

मृत्तिका मुख्यतः भूरे रंग (grey) की होती है किन्तु अन्य रंगों (सफेद, पीली, लाल आदि) की भी मृत्तिका पायी जाती है। यह नदियों के किनारों पर देखने को मिल सकती है।

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