भारत की प्रमुख नदियां -नदियों की लम्बाई – Bharat Ki Pramukh Nadiyan

Bharat Ki Pramukh Nadiyan
Bharat Ki Pramukh Nadiyan

भारत की नदियां

Rivers of India in Hindi

उद्गम के आधार पर भारत की नदियों को दो, वर्गों में बाँटा जाता है-

उत्तरी भारत की नदियाँ

इनमें तीन सिन्धु बेसिन, गंगा बेसिन और ब्रह्मपुत्र बेसिन हैं। सिन्धु बेसिन के अन्तर्गत सिन्धु और उसकी सहायक सतलज, व्यास, चिनाब और झेलम हैं। गंगा बेसिन के अन्तर्गत बहने वाली नदियाँ गंगा, यमुना, घाघरा, ताप्ती, गंडक और कोसी तथा पठार से आकर मिलने वाली नदियाँ चम्बल, बेतवा, केन, सिन्धु व सोन आदि हैं। ब्रह्मपुत्र बेसिन के अन्तर्गत बहने वाली नदियों में स्वर्णसीरी, लोहित, कामेंग, धनीसीरो, मानम, तिस्ता, बूढी दिहिंग आदि प्रमुख नदी हैं।

दक्षिणी भारत की नदियाँ

महानदी, कृष्णा, गोदावरी, कावेरी पूर्वी तट की तथा पश्चिमी तट की नर्मदा, ताप्ती आदि दक्षिण भारत की नदियाँ हैं।

भारत की प्रमुख नदियाँ

1. ब्रह्मपुत्र

मानसरोवर झील के पास से निकलती है। तिब्बत में यह सांगपों, अरुणाचल प्रदेश में दिहांग कहलाती हैं। बह्मपुत्र नाम – चाबरवा को काटकर जब यह अरूणाचल (भारत) में प्रवेश करती है तब दिहांग और दिवांग और लोहित नदियां मिलती हैं तब इसे असम में ब्रह्मपुत्र कहा जाता है तथा बांग्लादेश में जमुना के नाम से जानी जाती है। यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है। लेकिन इसके पूर्व असम में विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप “माजुली द्वीप” का निर्माण करती है। इसकी सहायक नदियों में दिबांगलोहित आदि प्रमुख हैं।

2. गंगा

गंगोत्री के पास गोमुख हिमानी से निकलती है। यह भारत की सबसे बड़ी (2510 किमी.) तथा पवित्र नदी मानी जाती है। पश्चिम बंगाल में इस नदी पर फरक्का बांध स्थित है। यह नदी पश्चिम बंगाल में विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुन्दरवन का डेल्टा बनाती है, जिसे जैव विविधता का क्षेत्र कहते हैं।

यहाँ पर मैंग्रोव वन पाये जाते हैं। यहीं पर सुन्दरी वृक्ष पाये जाते हैं। यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इसकी सहायक नदियों में यमुनागण्डकघाघरा तथा कोसी आदि नदियां प्रमुख हैं।

3. सतलुज

यह मानसरोवर झील के पास राक्षसताल से निकलती है। इसी पर पंजाब में भारत का सबसे ऊँचा बाँध ‘भाखड़ा नांगल’ बनाया गया है। इसी बाध के पीछे भारत की सबसे लंबी कृत्रिम झील गोविंदसागर झील का निर्माण हुआ है। इसी बांध से राजस्थान की जीवनधारा कहलाने वाली इंदिरा नहर का उद्गम हुआ है।

4. यमुना

यह यमुनोत्री हिमानी से निकलती है और इलाहाबाद में गंगा के साथ मिलकर संगम का निर्माण करती है। इसकी सहायक नदियों में टोंसचम्बलबेतवाकेन तथा सिंध आदि प्रमुख है।

5. सिंधु

यह तिब्बत में कैलाश पर्वत से निकलती है और भारत होते हुए पाकिस्तान के रास्ते अरब सागर में गिरती है। सिंधु समझौते के अन्तर्गत भारत इसके जल का इस्तेमाल नहीं कर सकता। इसकी सहायक नदियों में सतलजचिनाबरावीव्यास तथा झेलम प्रमुख हैं।

6. झेलम

यह कश्मीर के बेरीनाग के निकट शेषनाग झील से निकलती है। इसी नदी पर मीठे पानी की भारत की सबसे बड़ी झील “वुलर झील” स्थित है। इस नदी पर भारत द्वारा प्रायोजित तुलबुल परियोजना का पाकिस्तान के द्वारा विरोध किया जा रहा है। किशनगंगा इसकी सहायक नदी है।

7. नर्मदा

यह अमरकंटक से निकलती है। यह विंध्याचल एवं सतपुड़ा पर्वत शृंखला के मध्य से बाकी नदियों के विपरीत पश्चिम दिशा में प्रवाहित होकर खंभात की खाड़ी में गिरती है। यह जबलपुर में भेड़ाघाट के समीप धुंआधार जलप्रपात का निर्माण करती है। यह नदी डेल्टा का निर्माण नही करती बल्कि एश्चुअरी (ज्वारनदमुख) बनाती है। इस नदी पर सरदार सरोवर परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इसे प्राचीन काल में रेवा के नाम से जाना जाता था।

8. ताप्ती

यह बैतूल के निकट सुलताई से निकलती है। यह भी बाकी नदियों के विपरीत नर्मदा की भांति पश्चिम की ओर प्रवाहित होते हुए खंभात की खाड़ी में गिरती है और यह डेल्टा की बजाय एश्चुअरी (ज्वारनदमुख) का निर्माण करती है।

9. महानदी

यह धमतरी के निकट सिहावा पर्वत से निकलती है इसे ‘छत्तीसगढ़ की गंगा‘ कहा जाता है। यह राजिम में सोंदर तथा पैरी नदी के साथ मिलकर संगम का निर्माण करती है। इसी कारण राजिम को ‘छत्तीसगढ़ का प्रयाग‘ कहते हैं। यह नदी उडीसा के सम्बलपुर में भारत का सबसे लम्बा बांध “हीराकुड बांध” का निर्माण करती है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है। ब्राह्मणी तथा वैतरणी इसकी सहायक नदियां हैं।

10. क्षिप्रा

यह इंदौर के निकट काकरीबर्डी पहाड़ी से निकलती है। इसके किनारे उज्जैन का विख्यात “महाकालेश्वर मंदिर” स्थित है जहां प्रति 12वें वर्ष कुंभ का मेला लगता है। यह चम्बल नदी में मिल जाती है।

11. सोन

यह अमरकंटक की पहाड़ियों से निकलती हैं और उत्तर की ओर बहते हुए पटना के निकट गंगा नदी में जाकर मिल जाती है।

12. चम्बल

यह मध्य प्रदेश में मऊ के समीप जानापाव पहाड़ी से निकलती है और यमुना नदी में जाकर मिलती है। यह नदी देश के सबसे “गहरे खड़ों” का निर्माण करती है। इसकी सहायक नदियों में बनासपार्वती और शिप्रा प्रमुख हैं।

13. गंडक

यह नेपाल से निकलने वाली नदी है। गंडक को नेपाल में “शालिग्राम” तथा मैदानी भाग में “नारायणी” कहा जाता है। यह गंगा नदी में जाकर मिलती है। इसकी सहायक नदियां कालीगंडक तथा त्रिशुली गंगा है। इसमें मिलने वाले गोल-गोल पत्थरों को “शालिग्राम” कहा जाता है।

14. गोदावरी

यह नासिक के निकट त्र्यंबकम् पहाड़ियों से निकलती है। यह दक्षिण भारत की सबसे लम्बी नदी है। इसे दक्षिण गंगा के नाम से जाना जाता है। यह बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है। इसकी सहायक नदियों में पवरापूर्णामंजिरावेणगंगाइंद्रावती तथा शबरी आदि प्रमुख है। इसे वृद्ध गंगा भी कहा जाता है।

15. कृष्णा

यह महाराष्ट के महाबालेश्वर पहाड़ियों से निकलकर महाराष्ट्र कर्नाटक, आंध्र प्रदेश होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इस नदी पर आन्ध्र प्रदेश में नागार्जुन सागर बाँध का निर्माण किया गया है।

16. कावेरी

यह कर्नाटक की ब्रह्मगिरी की पहाड़ियों से निकलती है। यह दक्षिण भारत की सबसे पवित्र नदी है। इसे दक्षिण भारत की गंगा कहा जाता है। शिवसमुद्रम जलप्रपात कावेरी नदी पर स्थित है। इस नदी पर 1902 में सर्वप्रथम बिजली उत्पादन किया गया था। इसके अलावा तमिलनाडु में मैटुर बांध का निर्माण किया गया है। इस नदी के जल बंटवारे को लेकर तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल व पांडिचेरी के बीच विवाद है।

17. साबरमती

यह उदयपुर जिले के दक्षिण-पश्चिमी भाग से निकलती है तथा खंभात की खाड़ी में जाकर गिरती है। यह भारत की सर्वाधिक प्रदुषित नदी मानी जाती है।

18. लुनी

यह अजमेर जिले में स्थित अरावली के नाग पहाड़ियों से निकलती है और कच्छ के रण में गिरती है। इसकी सहायक नदियों में वाडीसुकरी तथा मिठड़ी प्रमुख है। यह राजस्थान के मरूस्थल में बहती है।

19. कोसी

यह गोसाई थान के उत्तर स्थित चोटी से निकलती है और बिहार में गंगा में मिलती है। वर्षा काल मे यह अत्यत्न विनाशकारी होती है, अत: ‘बिहार का शोक‘ कहा जाता है।

20. दामोदर

यह छोटानागपुर पठार के टोडी नामक स्थान से निकलती है और हुगली नदी में जाकर मिल जाती है। इसे ‘बंगाल का शोक‘ कहा जाता है। इसी नदी पर भारत मे सर्वप्रथम 1948 में पहली बहुउद्देशीय परियोजना “दामोदर घाटी परियोजना” प्रारम्भ की गई थी। इसी के उद्घाटन के समय जवाहर लाल नेहरू ने भारत की बहुउद्देशीय परियोजनाओं को आधुनिक “भारत का मंदिर” कहा था।

21. बेतवा

यह मध्य प्रदेश के रायसन जिले के निकट विंध्यन पर्वत से निकलती है। और यमुना नदी में जाकर मिल जाती हैं।

22. पेरियार

यह केरल मे पेरियार झील से निकलती है और केरल राज्य में प्रवाहित होती है।

भारतीय की प्रमुख नदियों की लम्बाई

क्रम नदी लम्बाई (किमी.)
1. ब्रह्मपुत्र 2900
2. सिन्धु 2880
3. गंगा 2510
4. गोदावरी 1450-
5. यमुना 1376
6. नर्मदा 1312
7.  कृष्णा 1290
8. घाघरा 1080
9.  महानदी 890
10. कावेरी 805

Related Post