विश्व के प्रमुख ऊर्जा संसाधन (Urja Sansadhan)

Urja Sansadhan
Urja Sansadhan

ऊर्जा संसाधन

वर्तमान समय में विश्व की कल ऊर्जा आवश्यकता के 40 प्रतिशत भाग की पूर्ति खनिज तेल द्वारा होती है। इसके पश्चात् क्रमशः कोयला (30 प्रतिशत) एवं प्राकृतिक गैस (20 प्रतिशत) का स्थान आता है।

कोयला

कोयला मुख्यतः काबोंनिफेरस काल की परतदार चट्टानों में पाया जाता है। कोयला मुख्यत: चार प्रकार का होता है:-

  1. एन्थ्रासाइट कोयला – यह सर्वोत्तम किस्म का कोयला, जिसमें कार्बन की मात्रा 90 प्रतिशत से अधिक होती है।
  2. बिटुमिनस कोयला – इसमें कार्बन की मात्रा 70 प्रतिशत से अधिक होती है। इसे गर्म करने पर तारकोल निकलता है, अतः इसे बिमिनस कहा जाता है।
  3. लिग्नाइट कोयला – इसका रंग भूरा होता है तथा कार्बन की मात्रा 45 से 70 प्रतिशत से होता है।
  4. पीट कोयला – यह सबसे निम्न कोटि का कोयला होता है, जिसमें कार्बन की मात्रा काफी कम तथा आर्द्रता की मात्रा अधिक होती है।

कोयला उत्पादन क्रम – चीन – अमेरिका – स्वतंत्र राष्ट्रकुल – भारत।

पेट्रोलियम

करोड़ो वर्ष पूर्व वनस्पतियों एवं समद्री जीव जंतुओं के अवसादों के नीचे दबने के फलस्वरूप पेट्रोलियम की उत्पत्ति होती है। घनत्व के अनुरूप तेल जल के ऊपर एवं प्राकृतिक गैस पेट्रोलियम के ऊपर होता है।

पेट्रोलियम का संचित भण्डार – सऊदी अरब, इराक, कुवैत, ईरान।

पेट्रोलियम का उत्पादन – अमेरिका – स्वतंत्र राष्ट्र – जापान – इटली।

प्राकृतिक गैस का संचित भण्डार – स्वतंत्र राष्ट्रकुल, ईरान, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात।

प्राकृतिक गैस का उत्पादन – स्वतंत्र राष्ट्रकुल, अमेरिका, कनाडा।

जल विद्युत

पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण जल-विद्युत को ‘श्वेत कोयला‘ के नाम से जाना जाता है। विश्व में संभावित जल-विद्युत की दृष्टि से अफ्रीका का प्रथम (40%) स्थान है।

विश्व की सभी नदियों में कांगो नदी (जायरे नदी) की संभावित जल विद्युत क्षमता अधिकतम है। परंतु विद्युत की मांग का अभाव, दुर्गमता एवं अस्वास्थ्यकर जलवायु के कारण इस महादेश में जल विद्युत का विकास काफी कम हुआ है। कनाडा विश्व का सबसे बड़ा जल-विद्युत उत्पादक देश है।

स्विट्जरलैंड में जल-विद्युत ही विद्युत ऊर्जा का एक मात्र स्रोत्र है।

परमाणु ऊर्जा

विश्व में परमाणु ऊर्जा का उत्पादन मुख्यतः विकसित देशों तक ही सीमित है। यूरेनाइट एवं पिच ब्लेण्ड, यूरेनियम के प्रमुख अयस्क हैं।

यूरेनियम उत्पादन – कनाडा, अमेरिका, द. अफ्रीका, आस्ट्रेलिया।

विश्व के कुल थोरियम उत्पादन का तीन चौथाई भारत से प्राप्त होता है।

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