तिर्य्यच् शब्द (Bird, पक्षी, तिर्यञ्च्): तिर्यञ्च् शब्दः चकारान्त शब्द , इस प्रकार के सभी चकारान्त शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। संस्कृत व्याकरण एवं भाषा में शब्द रूप अति महत्व रखते हैं। और धातु रूप (Dhatu Roop) भी बहुत ही आवश्यक होते हैं। तिर्य्यच् के शब्द रूप इस प्रकार हैं-
तिर्य्यच् के शब्द रूप – Tiryyach Shabd Roop
Shabd roop of Tiryyach, Pulling – पुल्लिंग:
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | तिर्यङ् | तिर्यञ्चौ | तिर्यञ्चः |
| द्वितीया | तिर्यञ्चम् | तिर्यञ्चौ | तिर्यचः |
| तृतीया | तिर्यचा | तिर्यग्भ्याम् | तिर्यग्भिः |
| चतुर्थी | तिर्यचे | तिर्यग्भ्याम् | तिर्यग्भ्यः |
| पंचमी | तिर्यचः | तिर्यग्भ्याम् | तिर्यग्भ्यः |
| षष्ठी | तिर्यचः | तिर्यचोः | तिर्यचाम् |
| सप्तमी | तिर्यचि | तिर्यचोः | तिर्यक्षु |
| सम्बोधन | हे तिर्यङ् ! | हे तिर्यञ्चौ ! | हे तिर्यञ्चः ! |
Shabd roop of Tiryyach, Napunsak ling – नपुंसकलिंग:
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | तिर्य्यक् | तिरश्ची | तिर्यञ्चि |
| द्वितीया | तिर्य्यक् | तिरश्ची | तिर्यञ्चि |
| तृतीया | तिर्यचा | तिर्यग्भ्याम् | तिर्यग्भिः |
| चतुर्थी | तिर्यचे | तिर्यग्भ्याम् | तिर्यग्भ्यः |
| पंचमी | तिर्यचः | तिर्यग्भ्याम् | तिर्यग्भ्यः |
| षष्ठी | तिर्यचः | तिर्यचोः | तिर्यचाम् |
| सप्तमी | तिर्यचि | तिर्यचोः | तिर्यक्षु |
| सम्बोधन | हे तिर्य्यक् ! | हे तिरश्ची ! | हे तिर्यञ्चि ! |
