आदिकाल हिंदी साहित्य का इतिहास (650 ई० -1350 ई०) : हिंदी साहित्य का इतिहास के विभिन्न कालों के नामांकरण का प्रथम श्रेय जॉर्ज ग्रियर्सन को जाता है। हिंदी साहित्य के इतिहास का आरंभिक काल के नामांकन का प्रश्न विवादास्पद है। इस काल को ग्रियर्सन ने “चारण काल” मिश्र बंधु ने “प्रारंभिक काल” महावीर प्रसाद द्विवेदी ने “बीज वपन काल” शुक्ल ने आदिकाल- “वीरगाथा काल” राहुल सांकृत्यायन ने सिद्ध “सामंत काल” रामकुमार वर्मा ने “संधिकाल व चारण काल” हजारी प्रसाद द्विवेदी ने “आदिकाल” की संज्ञा दी है।
आदिकालीन रचना एवं रचनाकार सूची
| रचनाकार | रचना |
|---|---|
| स्वयंभू | पउम चरिउ, रिट्ठणेमि चरिउ (अरिष्टनेमि चरित) |
| सरहपा | दोहाकोष |
| शबरपा | चर्या पद |
| कण्हपा | कण्हपाद गीतिका, दोहा कोश । |
| गोरखनाथ (नाथ पंथ के प्रवर्तक) | सबदी, पद, प्राण संकली, सिष्या दासन |
| चंदबरदाई | पृथ्वीराज रासो (शुक्ल के अनुसार हिन्दी का प्रथम महाकाव्य) |
| शार्ङ्गधर | हम्मीर रासो |
| दलपति विजय | खुमाण रासो |
| जगनिक | परमाल रासो |
| नल्ह सिंह भाट | विजयपाल रासो |
| नरपति नाल्ह | बीसल देव रासो |
| अब्दुर रहमान | संदेश रासक |
| अज्ञात | मुंज रासो |
| देवसेन | श्रावकाचार |
| जिन दत्त सूरी | उपदेश रसायन रास |
| आसगु | चन्दनबाला रस |
| जिनधर्म सूरी | स्थूलभद्र रास |
| शलिभद्र सूरी | भारतेश्वर बाहुबली रास |
| विजय सेन | रेवन्तगिरि रास |
| सुमतिगणि | नेमिनाथ रास |
| हेमचंद्र | सिद्ध हेमचन्द्र शब्दानुशासन |
| विद्यापति | पदावली (मैथिली में), कीर्तिलता व कीर्तिपताका (अवहट्ट में), लिखनावली (संस्कृत में। |
| कल्लोल कवि | ढोला मारु रा दूहा |
| मधुकर | जयमयंक जस चंद्रिका |
| भट्ट केदार | जयचंद प्रकाश |
