विद्या शब्द (शिक्षा, ज्ञान, बोध): विद्या शब्द के आकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्द के शब्द रूप, विद्या (Vidya) शब्द के अंत में “आ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह आकारान्त हैं। अतः Vidya Shabd के Shabd Roop की तरह विद्या जैसे सभी आकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। विद्या शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Vidya Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।
विद्या के शब्द रूप – Shabd roop of Vidya
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | विद्या | विद्ये | विद्याः |
| द्वितीया | विद्याम् | विद्ये | विद्याः |
| तृतीया | विद्यया | विद्याभ्याम् | विद्याभिः |
| चतुर्थी | विद्यायै | विद्याभ्याम् | विद्याभ्यः |
| पंचमी | विद्यायाः | विद्याभ्याम् | विद्याभ्यः |
| षष्ठी | विद्यायाः | विद्ययोः | विद्याणाम् |
| सप्तमी | विद्यायाम् | विद्ययोः | विद्यासु |
| सम्बोधन | हे विद्ये ! | हे विद्ये ! | हे विद्याः ! |
विद्या शब्द का अर्थ/मतलब
विद्या शब्द का अर्थ शिक्षा, ज्ञान, बोध होता है। विद्या शब्द आकारान्त शब्द है इसका मतलब भी “शिक्षा, ज्ञान, बोध” होता है। – विद्या संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] वह ज्ञान जो शिक्षा आदि के द्वारा उपार्जित या प्राप्त किया जाता है । वह जानकारी जो सीखकर हासिल की जाती है । किसी विषय का विशिष्ट ज्ञान । इल्म । जैसे,— (क) विद्या पढ़कर मनुष्य पंडित होता है । (ख) आजकल पाठशालाओं मों अनेक प्रकार की विद्याएँ पढ़ाई जाती हैं । विशेष—हमारे यहाँ विद्या दो प्रकार की मानी गई है—परा और अपरा । जिस विद्या के द्वारा ब्रह्मज्ञान होता है, वह परा विद्या और इसके अतिरिक्त जो अन्य लौकिक या पदार्थ विद्याएँ हैं, वे सब अपरा विद्या कहलाती हैं ।
