समासोक्ति अलंकार
‘परोक्तिभेदकैः श्लिष्टैः समासोक्तिः” – श्लेषयुक्त विशेषणों के द्वारा दो अर्थों का संक्षेप होने से समासोक्ति अलंकार होता है।
समासोक्ति अलंकार के उदाहरण
लब्ध्वा तव बाहुस्पर्श यस्याः सो कोऽप्युल्लासः ।
जय लक्ष्मीस्तव विरहे न खलुज्ज्वला दुर्बला ननु सा ।।
स्पष्टीकरण– यहाँ केवल ‘जय लक्ष्मी” शब्द कान्ता का वाचक है। अर्थात् जय लक्ष्मी शब्द नायिका का बोधक है।
