नृ (ना, नर) शब्द के रूप (Nra Ke Shabd Roop) – संस्कृत

नृ शब्द (नर, मनुष्य, शतरंज या चौसर की गोट (को॰), प्रधान, मुखिया, नेता): नृ शब्द के ऋकारान्त पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप, नृ (Nra) शब्द के अंत में “ऋ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह ऋकारान्त हैं। अतः Nra Shabd के Shabd Roop की तरह नृ जैसे सभी ऋकारान्त पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। नृ शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Nra Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

नृ के शब्द रूप – Shabd roop of Nra

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा ना नरौ नरः
द्वितीया नरम् नरौ नॄन्
तृतीया न्रो नृभ्याम् नृभिः
चतुर्थी न्रो नृभ्याम् नृभ्यः
पंचमी नुः नृभ्याम् नृभ्यः
षष्ठी नुः न्रोः नृणाम्, नॄणाम्
सप्तमी नरि न्रोः नृषु
सम्बोधन हे ना ! हे नरौ ! हे नरः !

नृ शब्द का अर्थ/मतलब

नृ शब्द का अर्थ नर, मनुष्य होता है। नृ शब्द ऋकारान्त शब्द है इसका मतलब भी “नर, मनुष्य” होता है।

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