बाहु शब्द (Baahu Shabd, भुजा, हाथ, बाँह): बाहु शब्द के उकारान्त पुल्लिङ्ग शब्द के शब्द रूप, बाहु (Baahu) शब्द के अंत में “उ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह उकारान्त हैं। अतः Baahu Shabd के Shabd Roop की तरह बाहु जैसे सभी उकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। बाहु शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Baahu Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।
बाहु के शब्द रूप – Shabd roop of Baahu
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | बाहुः | बाहू | बाहवः |
| द्वितीया | बाहुम् | बाहू | बाहून् |
| तृतीया | बाहुना | बाहुभ्याम् | बाहुभिः |
| चतुर्थी | बाहवे | बाहुभ्याम् | बाहुभ्यः |
| पंचमी | बाहोः | बाहुभ्याम् | बाहुभ्यः |
| षष्ठी | बाहोः | बाह्वोः | बाहूनाम् |
| सप्तमी | बाहौ | बाह्वोः | बाहुषु |
| सम्बोधन | हे बाहो ! | हे बाहू ! | हे बाहवः ! |
बाहु शब्द का अर्थ/मतलब
बाहु शब्द का अर्थ भुजा, हाथ, बाँह होता है। बाहु शब्द उकारान्त शब्द है। – बाहु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] भुजा । हाथ । बाँह । यौ॰—बाहुक्ठं, बाहुकुब्ज=लूला : बाहुतरण=तैरकर नदी या जलाशय पार करना । बाहुदंड=भुजा । बाहुपाशा=भुजाओं का बंधन । अँकवार । बाहुप्रसर, बाहुप्रसार=भुजाओं का फैलाव या विस्तार । बाहुभूपण, बाहुभूपा=भुजा का गहना । अगद । बाहुयोध, बाहुयोधी=कुश्ती लड़नेवाला । बाहुलता, बाहुवल्ली=कोमल । भुजाएँ । बाहुविमर्द=मल्लयुद्ध । बाहुवीर्य=भुजबल । बाहुव्यायाम=कसरत । दंड । जोर । बाहुशिखर=स्कध । कंधा ।
