नर शब्द (Nar Shabd): अकारांत पुंल्लिंग शब्द , इस प्रकार के सभी अकारांत पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। नर के शब्द रूप इस प्रकार हैं-
नर के शब्द रूप – Shabd Roop of Nar
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | नरः | नरौ | नराः |
| द्वितीया | नरम् | नरौ | नरान् |
| तृतीया | नरेण | नराभ्याम् | नरैः |
| चतुर्थी | नराय | नराभ्याम् | नरेभ्यः |
| पंचमी | नरात् | नराभ्याम् | नरेभ्यः |
| षष्ठी | नरस्य | नरयोः | नराणाम् |
| सप्तमी | नरे | नरयोः | नरेषु |
| सम्बोधन | हे नर ! | हे नरौ ! | हे नराः ! |
📖 शब्द का अर्थ
नर (Nar) एक संस्कृत मूल का पुल्लिंग संज्ञा शब्द है, जिसका मुख्य अर्थ ‘मनुष्य’, ‘मानव’ या ‘पुरुष’ (Man, Human, or Male) होता है। यह शब्द संपूर्ण मानव जाति या विशेष रूप से पुरुष लिंग को दर्शाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
- मुख्य अर्थ: पुरुष व्यक्ति (Male) या सामान्य रूप से कोई भी इंसान (Human)
- व्यापक अर्थ: जीव विज्ञान में किसी भी प्रजाति के नर (Male animal) के लिए भी इस शब्द का प्रयोग होता है
🔄 पर्यायवाची शब्द
इसके प्रमुख समानार्थी शब्द निम्नलिखित हैं:
- पुरुष (Man)
- मानव (Human)
- मानुष / मनुज
- व्यक्ति (Person)
- जन
🏺 पौराणिक और दार्शनिक महत्व
- नर और नारायण: हिंदू पुराणों में ‘नर’ (जीवात्मा/मनुष्य) और ‘नारायण’ (परमात्मा/भगवान) की जोड़ी प्रसिद्ध है। अर्जुन को ‘नर’ और भगवान कृष्ण को ‘नारायण’ का अवतार माना जाता है।
- नरसिंह अवतार: भगवान विष्णु का वह अवतार जो आधा सिंह (सिंह) और आधा पुरुष (नर) था।
⚖️ व्याकरणिक रूप
- लिंग: पुल्लिंग (Masculine)
- शब्द रूप: संस्कृत व्याकरण में यह ‘अकारान्त पुल्लिंग’ शब्द है। इसके रूप ‘राम’ या ‘बालक’ शब्द की तरह चलते हैं.
