ककुभ् शब्द (Kakubh Shabd, दिशा, अर्जुन वृक्ष): भकारान्त पुंल्लिंग शब्द , इस प्रकार के सभी भकारान्त पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। संस्कृत व्याकरण एवं भाषा में शब्द रूप अति महत्व रखते हैं। और धातु रूप (Dhatu Roop) भी बहुत ही आवश्यक होते हैं। ककुभ् के शब्द रूप इस प्रकार हैं-
ककुभ् के शब्द रूप – Kakubh Shabd Roop
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | ककुप् | ककुभौ | ककुभः |
| द्वितीया | ककुभम् | ककुभौ | ककुभः |
| तृतीया | ककुभा | ककुब्भ्याम् | ककुव्भिः |
| चतुर्थी | ककुभे | ककुब्भ्याम् | ककुब्भ्यः |
| पंचमी | ककुभः | ककुब्भ्याम् | ककुब्भ्यः |
| षष्ठी | ककुभः | ककुभोः | ककुभाम् |
| सप्तमी | ककुभि | ककुभोः | ककुप्सु |
| सम्बोधन | हे ककुप् ! | हे ककुभौ ! | हे ककुभः ! |
