हरित् शब्द (Harit Shabd, भूरे या बादमी रंग का, कपिश, हरे रंग का, हरा, सब्ज): हरित् शब्द के तकारान्त पुल्लिङ्ग शब्द के शब्द रूप, हरित् (Harit) शब्द के अंत में “त” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह तकारान्त हैं। अतः Harit Shabd के Shabd Roop की तरह हरित् जैसे सभी तकारान्त पुल्लिङ्ग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। हरित् शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Harit Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।
हरित् के शब्द रूप – Shabd Roop of Harit
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | हरित् | हरितौ | हरितः |
| द्वितीया | हरितम् | हरितौ | हरितः |
| तृतीया | हरिता | हरिद्भ्याम् | हरिद्भिः |
| चतुर्थी | हरिते | हरिद्भ्याम् | हरिद्भ्यः |
| पंचमी | हरितः | हरिद्भ्याम् | हरिद्भ्यः |
| षष्ठी | हरितः | हरितोः | हरिताम् |
| सप्तमी | हरिति | हरितोः | हरित्सु |
| सम्बोधन | हे हरित् ! | हे हरितौ ! | हे हरितः ! |
हरित् शब्द का अर्थ/मतलब
हरित् शब्द का अर्थ भूरे या बादमी रंग का, कपिश, हरे रंग का, हरा, सब्ज होता है। हरित् शब्द तकारान्त शब्द है। – कुछ हरा रंग लिए पीला; हरित् 2 संज्ञा पुं॰ १. सुर्य के घोड़े का नाम । २. मरकत । पन्ना । ३. सिंह । ४. सूर्य । ५. विष्णु । ६. एक प्रकार का तृण । घास । तृण । ७. द्रुतगामी अश्व (को॰) । ८. मूँग (को॰) । ९. हरा, पीला या पिंगल वर्ण (को॰) । १०. जैनों के अनुसार हरिक्षेत्र की नदी का नाम ।हरित् 3 संज्ञा स्त्री॰ १. हरिद्रा । हलदी । हरदी । २. दिक् । दिशा (को॰) । ३. तृण । घास (को॰) ।
