वसु शब्द के रूप (Vasu Ke Shabd Roop) – संस्कृत

वसु शब्द (Vasu Shabd, आठ वैदिक देवताओं का एक वर्ग या गण): वसु शब्द के उकारान्त नपुंसकलिंग शब्द के शब्द रूप, वसु (Vasu) शब्द के अंत में “उ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह उकारान्त हैं। अतः Vasu Shabd के Shabd Roop की तरह वसु जैसे सभी उकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। वसु शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Vasu Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

वसु के शब्द रूप – Shabd Roop of Vasu

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा वसु वसुनी वसूनि
द्वितीया वसु वसुनी वसूनि
तृतीया वसुना वसुभ्याम् वसुभिः
चतुर्थी वसुने वसुभ्याम् वसुभ्यः
पंचमी वसुनः वसुभ्याम् वसुभ्यः
षष्ठी वसुनः वसुनोः वसूनाम्
सप्तमी वसुनि वसुनोः वसुषु
सम्बोधन हे वसो ! हे वसु ! हे वसूनि !

वसु शब्द का अर्थ/मतलब

वसु शब्द का अर्थ आठ वैदिक देवताओं का एक वर्ग या गण or सूर्य or कुबेर or मौलसिरी नामक सदाबहार वृक्ष और उसका फूल or पानी, जल or सबमें निवास करने वाला होता है। वसु शब्द उकारान्त शब्द है।

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