वाणी शब्द (Vani Shabd, मानव मुख से निःसृत सार्थक शब्द, ध्वनि): वाणी शब्द के ईकारान्त स्त्रील्लिङ्ग शब्द के शब्द रूप, वाणी (Vani) शब्द के अंत में “ई” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह ईकारान्त हैं। अतः Vani Shabd के Shabd Roop की तरह वाणी जैसे सभी ईकारान्त स्त्रील्लिङ्ग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। वाणी शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Vani Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।
वाणी के शब्द रूप – Shabd Roop of Vani
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | वाणी | वाण्यौ | वाण्यः |
| द्वितीया | वाणीम् | वाण्यौ | वाणीः |
| तृतीया | वाण्या | वाणीभ्याम् | वाणीभिः |
| चतुर्थी | वाण्यै | वाणीभ्याम् | वाणीभ्यः |
| पंचमी | वाण्याः | वाणीभ्याम् | वाणीभ्यः |
| षष्ठी | वाण्याः | वाण्योः | वाणीनाम् |
| सप्तमी | वाण्याम् | वाण्योः | वाणीषु |
| सम्बोधन | हे वाणि ! | हे वाण्यौ ! | हे वाण्यः ! |
वाणी शब्द का अर्थ/मतलब
वाणी शब्द अर्थ मानव मुख से निःसृत सार्थक शब्द, ध्वनि or बोलने या बातचीत करने की शक्ति, वाचा or मुँह के अंदर का वह लंबा चपटा मांस पिंड जिससे रसों का आस्वादन और उसकी सहायता से शब्दों का उच्चारण होता है, जिह्वा or विद्या और वाणी की अधिष्ठात्री देवी, सरस्वती होता है। वाणी शब्द ईकारान्त शब्द है।
