वार् शब्द के रूप – Vaar Shabd Roop – संस्कृत

वार् शब्द (जल,पानी, रक्षक, त्राता, प्रति- पालक): वार् शब्द के रकारान्त स्त्रीलिंग शब्द के शब्द रूप, वार् (Vaar) शब्द के अंत में “र्” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह रकारान्त हैं। अतः Vaar Shabd के Shabd Roop की तरह वार् जैसे सभी रकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। वार् शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Vaar Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

वार् के शब्द रूप – Shabd roop of Vaar

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा वाः वारी वारि
द्वितीया वाः वारी वारि
तृतीया वारा वार्भ्याम् वार्भिः
चतुर्थी वारे वार्भ्याम् वार्भ्यः
पंचमी वारः वार्भ्याम् वार्भ्यः
षष्ठी वारः वारोः वाराम्
सप्तमी वारि वारोः वार्षु
सम्बोधन हे वाः ! हे वारी ! हे वारि !

वार् शब्द का अर्थ/मतलब

वार् शब्द का अर्थ जल,पानी, रक्षक, त्राता, प्रति- पालक होता है। वार् शब्द रकारान्त शब्द है इसका मतलब भी “जल,पानी, रक्षक, त्राता, प्रति- पालक” होता है।

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