उदच् शब्द (उदञ्च्, उत्तर, north): चकारान्त शब्द , इस प्रकार के सभी चकारान्त शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। संस्कृत व्याकरण एवं भाषा में शब्द रूप अति महत्व रखते हैं। और धातु रूप (Dhatu Roop) भी बहुत ही आवश्यक होते हैं। उदच् के शब्द रूप इस प्रकार हैं-
उदच् के शब्द रूप – Udach Shabd Roop
Shabd roop of Udach, Pulling – पुल्लिंग:
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | उदङ् | उदञ्चौ | उदञ्चः |
| द्वितीया | उदञ्चम् | उदञ्चौ | उदीचः |
| तृतीया | उदीचा | उदग्भ्याम् | उदग्भिः |
| चतुर्थी | उदीचे | उदग्भ्याम् | उदग्भ्यः |
| पंचमी | उदीचः | उदग्भ्याम् | उदग्भ्यः |
| षष्ठी | उदीचः | उदीचोः | उदीचाम् |
| सप्तमी | उदीचि | उदीचोः | उदक्षु |
| सम्बोधन | हे उदङ् ! | हे उदञ्चौ ! | हे उदञ्चः ! |
Shabd roop of Udach, Napunsak ling – नपुंसकलिंग:
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | उदक् | उदीची | उदञ्चिः |
| द्वितीया | उदक् | उदीची | उदञ्चिः |
| तृतीया | उदीचा | उदग्भ्याम् | उदग्भिः |
| चतुर्थी | उदीचे | उदग्भ्याम् | उदग्भ्यः |
| पंचमी | उदीचः | उदग्भ्याम् | उदग्भ्यः |
| षष्ठी | उदीचः | उदीचोः | उदीचाम् |
| सप्तमी | उदीचि | उदीचोः | उदक्षु |
| सम्बोधन | हे उदक् ! | हे उदीची ! | हे उदञ्चिः ! |
