शकृत् शब्द (Shakrat Shabd, शकृत): शकृत् शब्द के तकारान्त नपुंसकलिंग शब्द के शब्द रूप, शकृत् (Shakrat) शब्द के अंत में “त” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह तकारान्त हैं। अतः Shakrat Shabd के Shabd Roop की तरह शकृत् जैसे सभी तकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। शकृत् शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Shakrat Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।
शकृत् के शब्द रूप – Shabd Roop of Shakrat
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | शकृत्/ शकृद् | शकृती | शकृन्ति |
| द्वितीया | शकृत्/ शकृद् | शकृती | शकृन्ति |
| तृतीया | शकृता | शकृद्भ्याम् | शकृद्भिः |
| चतुर्थी | शकृते | शकृद्भ्याम् | शकृद्भ्यः |
| पंचमी | शकृतः | शकृद्भ्याम् | शकृद्भ्यः |
| षष्ठी | शकृतः | शकृतोः | शकृताम् |
| सप्तमी | शकृति | शकृतोः | शकृत्सु |
| सम्बोधन | हे शकृत्/ शकृद् ! | हे शकृती ! | हे शकृन्ति ! |
शकृत् शब्द का अर्थ/मतलब
शकृत् एक संस्कृत मूल का संज्ञा शब्द है, जिसका मुख्य अर्थ ‘मल’, ‘विष्ठा’ या विशेष रूप से पशुओं का ‘गोबर’ या ‘लीद’ होता है. व्याकरण की दृष्टि से यह एक तकारान्त नपुंसकलिंग शब्द है
- साधारण अर्थ: मनुष्यों या पशुओं के पेट से निकलने वाला अपशिष्ट पदार्थ (मल या विष्ठा)
- विशेष अर्थ: वेदों और आयुर्वेद में इसे विशेष रूप से गाय के गोबर (गोमय) या पशुओं की लीद के संदर्भ में उपयोग किया जाता है
पर्यायवाची शब्द (Synonyms)
संस्कृत कोषों के अनुसार इसके प्रमुख समानार्थी शब्द निम्नलिखित हैं:
- विष्ठा
- मल
- पुरीष
- गोमय (गाय का गोबर)
- लीद (घोड़े आदि का मल)
संबंधित यौगिक शब्द (Compounds)
संस्कृत साहित्य में शकृत् शब्द से मिलकर कई अन्य शब्द बनते हैं, जैसे:
- शकृद्द्वारम् (शकृत् + द्वार): गुदा मार्ग या मलाशय का अंतिम छोर (Anus)
- शकृत्पिण्डः: गोबर या मल का ढेला
ध्यान देने योग्य बिंदु (भ्रम सुधार)
बोलचाल की भाषा में लोग अक्सर ‘शकृत्’ (मल) और ‘सकृत्’ (एक बार) में भ्रमित हो जाते हैं:
- शकृत् (Shakrat): इसका अर्थ मल या गोबर होता है.
- सकृत् (Sakrat): इसका अर्थ ‘एक बार’ (Once) या ‘कभी-कभी’ होता है
