ऋत्विज् शब्द (Ritvij Shabd, यज्ञ करनेवाला, वह जिसका यज्ञ में वरण किया जाय): ऋत्विज् शब्द के जकारान्त पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप, ऋत्विज् (Ritvij) शब्द के अंत में “ज्” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह जकारान्त हैं। अतः Ritvij Shabd के Shabd Roop की तरह ऋत्विज् जैसे सभी जकारान्त पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। ऋत्विज् शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Ritvij Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।
ऋत्विज् के शब्द रूप – Shabd Roop of Ritvij
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | ऋत्विक्/ ऋत्विग् | ऋत्विजौ | ऋत्विजः |
| द्वितीया | ऋत्विजम् | ऋत्विजौ | ऋत्विजः |
| तृतीया | ऋत्विजा | ऋत्विग्भ्याम् | ऋत्विग्भिः |
| चतुर्थी | ऋत्विजे | ऋत्विग्भ्याम् | ऋत्विग्भ्यः |
| पंचमी | ऋत्विजः | ऋत्विग्भ्याम् | ऋत्विग्भ्यः |
| षष्ठी | ऋत्विजः | ऋत्विजोः | ऋत्विजाम् |
| सप्तमी | ऋत्विजि | ऋत्विजोः | ऋत्विक्षु |
| सम्बोधन | हे ऋत्विक्/ ऋत्विग् ! | हे ऋत्विजौ ! | हे ऋत्विजः ! |
ऋत्विज् शब्द का अर्थ/मतलब
ऋत्विज् शब्द का अर्थ यज्ञ करनेवाला, वह जिसका यज्ञ में वरण किया जाय होता है। ऋत्विज् शब्द जकारान्त शब्द है। – ऋत्विज् संज्ञा पुं॰ [सं॰] [स्त्री॰ आर्त्विजी] यज्ञ करनेवाला । वह जिसका यज्ञ में वरण किया जाय । विशेष—ऋत्विजों की संख्या १६ होती है जिसमें चार मुख्य हैं—(क) होता (ऋग्वेद के अनुसार कर्म करानेवाला) । (ख) अध्वर्यु (यजुर्वेद के अनुसार कर्म करानेवाला) । (ग) उद्गाता (सामवेद के अनुसार कर्म करानेवाला) । (घ) ब्रह्मा (चार वेदों का जाननेवाला और पूरे कर्म का निरीक्षण करनेवाला । इनके अतिरिक्त बारह और ऋत्विजों के नाम ये हैं— मैत्रावरुण, प्रतिप्रस्थाता, ब्राह्मणच्छंसी, प्रस्तोता, अच्छावाक्, नेष्टा, आग्नीध्र, प्रतिहर्त्ता, ग्रवस्तुत्, उन्नेता, पोता और सुब्रह्मण्य ।
