प्रशास्तृ (प्रशास्ता) शब्द के रूप (Prashastr Ke Shabd Roop) – संस्कृत

प्रशास्तृ शब्द (प्रशास्ता, ऋत्विक्, मित्र, शासनकर्ता, राजा, शासक): प्रशास्तृ शब्द के ऋकारान्त पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप, प्रशास्तृ (Prashastr) शब्द के अंत में “ऋ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह ऋकारान्त हैं। अतः Prashastr Shabd के Shabd Roop की तरह प्रशास्तृ जैसे सभी ऋकारान्त पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। प्रशास्तृ शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Prashastr Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

प्रशास्तृ के शब्द रूप – Shabd Roop of Prashastr

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा प्रशास्ता प्रशास्तारौ प्रशास्तारः
द्वितीया प्रशास्तारम् प्रशास्तारौ प्रशास्तॄन्
तृतीया प्रशास्त्रा प्रशास्तृभ्याम् प्रशास्तृभिः
चतुर्थी प्रशास्त्रे प्रशास्तृभ्याम् प्रशास्तृभ्यः
पंचमी प्रशास्तुः प्रशास्तृभ्याम् प्रशास्तृभ्यः
षष्ठी प्रशास्तुः प्रशास्त्रोः प्रशास्तॄणाम्
सप्तमी प्रशास्तरि प्रशास्त्रोः प्रशास्तृषु
सम्बोधन हे प्रशास्ता ! हे प्रशास्तारौ ! हे प्रशास्तरः !

प्रशास्तृ शब्द का अर्थ/मतलब

प्रशास्तृ शब्द का अर्थ प्रशास्ता, होता का सहकारी एक ऋत्विक् जिसे मैत्रावरुण भी कहते हैं, ऋत्विक्, मित्र, शासनकर्ता, राजा, शासक होता है। प्रशास्तृ शब्द ऋकारान्त शब्द है इसका मतलब भी “प्रशास्ता, ऋत्विक्, मित्र, शासनकर्ता, राजा, शासक” होता है।

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