प्राच् शब्द (Prach Shabd, प्राञ्च्, पूर्व दिशा, East): चकारांत नपुंसकलिंग शब्द , नपुंसकलिंग शब्द के रूप पुल्लिंग शब्द रूपों की तरह ही होते हैं। सिर्फ प्रथमा और द्वितीया विभक्ति के रूपों में अंतर होता है। इस प्रकार के सभी चकारांत नपुंसकलिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। जैसे- जलमुच् (मेघ , cloud), प्रत्यच् (पश्चिम दिशा ) आदि। संस्कृत व्याकरण एवं भाषा में शब्द रूप अति महत्व रखते हैं। और धातु रूप (Dhatu Roop) भी बहुत ही आवश्यक होते हैं। प्राच् नपुंसकलिंग के शब्द रूप इस प्रकार हैं-
प्राच् नपुंसकलिंग के शब्द रूप – Prach Shabd Roop
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | प्राक् | प्राची | प्रान्चि |
| द्वितीया | प्राक् | प्राची | प्रान्चि |
| तृतीया | प्राचा | प्राग्भ्याम् | प्राग्भिः |
| चतुर्थी | प्राचे | प्राग्भ्याम् | प्राग्भ्यः |
| पंचमी | प्राचः | प्राग्भ्याम् | प्राग्भ्यः |
| षष्ठी | प्राचः | प्राचोः | प्राचाम् |
| सप्तमी | प्राचि | प्राचोः | प्राक्षु |
| सम्बोधन | हे प्राक् ! | हे प्राची ! | हे प्रान्चि ! |
