परशु शब्द के रूप – Parashu Ke Shabd Roop – Sanskrit

परशु शब्द (Parashu Shabd, परशु एक प्रकार का हथियार है जो कुल्हाड़ी से मिलता-जुलता होता है): परशु शब्द के उकारांत पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप, अर्थात परशु (Parashu) शब्द के अंत में “उ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह उकारांत हैं। अतः Parashu Shabd के Shabd Roop की तरह परशु जैसे सभी उकारांत पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। परशु शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Parashu Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

परशु के शब्द रूप – Shabd Roop of Parashu

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा परशुः परशू परशवः
द्वितीया परशुम् परशू परशून्
तृतीया परशुना परशुभ्याम् परशुभिः
चतुर्थी परशवे परशुभ्याम् परशुभ्यः
पंचमी परशोः परशुभ्याम् परशुभ्यः
षष्ठी परशोः परश्वोः परशूनाम्
शप्तमी परशौ परश्वोः परशुषु
शम्बोधन हे परशो ! हे परशू ! हे परशवः !

📖 शब्द का अर्थ (Meaning)

परशु एक संस्कृत मूल का संज्ञा शब्द है, जिसका मुख्य अर्थ ‘कुल्हाड़ी’ या ‘फरसा’ (Axe) होता है। यह एक अत्यंत प्राचीन और प्रसिद्ध भारतीय युद्ध-अस्त्र (Weapon) है।

  • शाब्दिक अर्थ: एक ऐसा हथियार जिसमें लोहे का एक अर्धचंद्राकार (Half-moon shaped) तेज धार वाला फलक लकड़ी या लोहे के डंडे से जुड़ा होता है।
  • सांस्कृतिक अर्थ: इसे वीरता, संहार और न्याय का प्रतीक माना जाता है, जिसे मुख्य रूप से युद्ध और वनों को साफ करने के लिए उपयोग किया जाता था।

🔄 पर्यायवाची शब्द (Synonyms)

प्राचीन संस्कृत कोषों के अनुसार इसके प्रमुख समानार्थी शब्द निम्नलिखित हैं:

  • कुठार
  • फरसा
  • कुल्हाड़ी
  • परश्वध
  • खनिक

🏺 पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व

  • भगवान परशुराम: भगवान विष्णु के छठे अवतार का मूल नाम ‘राम’ था। लेकिन जब शिवजी ने उन्हें अपना मुख्य अस्त्र ‘परशु’ (फरसा) भेंट किया, तब से उनका नाम ‘परशुराम’ (परशु धारण करने वाले राम) पड़ा।
  • देवताओं का अस्त्र: शिव पुराण और गणेश पुराण के अनुसार, यह भगवान शिव का प्रिय अस्त्र है, जिसे उन्होंने भगवान गणेश और परशुराम जी को प्रदान किया था।

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