मरु शब्द के रूप (Maru Ke Shabd Roop) – संस्कृत

मरु शब्द (Maru Shabd, मरुभूमि, मरुस्थल, desert): मरु शब्द के उकारान्त नपुंसकलिंग शब्द के शब्द रूप, मरु (Maru) शब्द के अंत में “उ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह उकारान्त हैं। अतः Maru Shabd के Shabd Roop की तरह मरु जैसे सभी उकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। मरु शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Maru Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

मरु के शब्द रूप – Shabd roop of Maru

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा मरु मरुणी मरूणि
द्वितीया मरु मरुणी मरूणि
तृतीया मरुणा मरुभ्याम् मरुभिः
चतुर्थी मरुणे मरुभ्याम् मरुभ्यः
पंचमी मरुणः मरुभ्याम् मरुभ्यः
षष्ठी मरुणः मरुणोः मरूणाम्
सप्तमी मरूणि मरुणोः मरुषु
सम्बोधन हे मरो ! हे मरु ! हे मरूणि !

मरु शब्द का अर्थ/मतलब

मरु शब्द का अर्थ मरुभूमि, मरुस्थल, निर्जन, बियावान or रेतीली ज़मीन or ऐसी भूमि जहाँ जल न हो or मारवाड़ देश or मरुआ नामक पौधा होता है। मरु शब्द उकारान्त शब्द है।

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