जामातृ शब्द के रूप (Jamatr Ke Shabd Roop) – संस्कृत

जामातृ शब्द (जमाता, जमाई, दामाद): जामातृ शब्द के ऋकारान्त पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप, जामातृ (Jamatr) शब्द के अंत में “ऋ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह ऋकारान्त हैं। अतः Jamatr Shabd के Shabd Roop की तरह जामातृ जैसे सभी ऋकारान्त पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। जामातृ शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Jamatr Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

जामातृ के शब्द रूप – Shabd roop of Jamatr

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा जामाता जामातरौ जामातरः
द्वितीया जामातरम् जामातरौ जामातॄन्
तृतीया जामात्रा जामातृभ्याम् जामातृभिः
चतुर्थी जामात्रे जामातृभ्याम् जामातृभ्यः
पंचमी जामातुः जामातृभ्याम् जामातृभ्यः
षष्ठी जामातुः जामात्रोः जामातॄणाम्
सप्तमी जामातरि जामात्रोः जामातृषु
सम्बोधन हे जामाता ! हे जामातरौ ! हे जामातरः !

जामातृ शब्द का अर्थ/मतलब

जामातृ शब्द का अर्थ जमाता, जमाई, दामाद होता है। जामातृ शब्द ऋकारान्त शब्द है इसका मतलब भी “जमाता, जमाई, दामाद” होता है।

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