गोप्तृ (गोप्ता) शब्द के रूप (Goptr Ke Shabd Roop) – संस्कृत

गोप्तृ शब्द (गोप्ता, रक्षा करनेवाला, रक्षक, गोप्ता): गोप्तृ शब्द के ऋकारान्त पुल्लिंग शब्द के शब्द रूप, गोप्तृ (Goptr) शब्द के अंत में “ऋ” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह ऋकारान्त हैं। अतः Goptr Shabd के Shabd Roop की तरह गोप्तृ जैसे सभी ऋकारान्त पुल्लिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। गोप्तृ शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Goptr Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

गोप्तृ के शब्द रूप – Shabd roop of Goptr

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा गोप्ता गोप्तारौ गोप्तारः
द्वितीया गोप्तारम् गोप्तारौ गोप्तॄन्
तृतीया गोप्त्रा गोप्तृभ्याम् गोप्तृभिः
चतुर्थी गोप्त्रे गोप्तृभ्याम् गोप्तृभ्यः
पंचमी गोप्तुः गोप्तृभ्याम् गोप्तृभ्यः
षष्ठी गोप्तुः गोप्त्रोः गोप्तॄणाम्
सप्तमी गोप्तरि गोप्त्रोः गोप्तृषु
सम्बोधन हे गोप्ता ! हे गोप्तारौ ! हे गोप्तरः !

गोप्तृ शब्द का अर्थ/मतलब

गोप्तृ शब्द का अर्थ रक्षा करनेवाला, रक्षक, गोप्ता होता है। गोप्तृ शब्द ऋकारान्त शब्द है इसका मतलब भी “रक्षा करनेवाला, रक्षक, गोप्ता” होता है।

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