गौरी शब्द के रूप (Gauri Ke Shabd Roop) – संस्कृत

गौरी शब्द (Gauri Shabd, गोरे रंग का स्त्री, पार्वती, गिरिजा): गौरी शब्द के ईकारान्त स्त्रीलिंग शब्द के शब्द रूप, गौरी (Gauri) शब्द के अंत में “ई” की मात्रा का प्रयोग हुआ इसलिए यह ईकारान्त हैं। अतः Gauri Shabd के Shabd Roop की तरह गौरी जैसे सभी ईकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के शब्द रूप (Shabd Roop) इसी प्रकार बनाते है। गौरी शब्द के शब्द रूप संस्कृत में सभी विभक्तियों एवं तीनों वचन में शब्द रूप (Gauri Shabd Roop) नीचे दिये गये हैं।

गौरी के शब्द रूप – Shabd roop of Gauri

विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा गौरी गौर्यौ गौर्यः
द्वितीया गौरीम् गौर्यौ गौरीः
तृतीया गौर्या गौरीभ्याम् गौरीभिः
चतुर्थी गौर्यै गौरीभ्याम् गौरीभ्यः
पंचमी गौर्याः गौरीभ्याम् गौरीभ्यः
षष्ठी गौर्याः गौर्योः गौरीणाम्
सप्तमी गौर्याम् गौर्योः गौरीषु
सम्बोधन हे गौरि ! हे गौर्यौ ! हे गौर्यः !

गौरी शब्द का अर्थ/मतलब

गौरी शब्द का अर्थ गोरे रंग का स्त्री, पार्वती, गिरिजा होता है। गौरी शब्द ईकारान्त शब्द है। विशेष—इस अर्थ में गौरी शब्द के बाद पतिवाची शब्द लगाने से “शिव” और पुत्रवाची शब्द लगाने से “गणेश” या “कार्तिकेय” अर्थ होता है । आठ वर्ष की कन्या ।, हल्दी ।, दारुहल्दी ।, तुलसी ।, गोरोचन ।, सफेद दूब ।, सफेद रंग का गाय ।, मजीठ ।, गंगा नदी ।, चमेली ।, सोन कदली ।

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