मानसिक आयु
बिने (Binet) ने बुद्धि परीक्षा के आधार पर मानसिक आयु की सार्थकता को स्पष्ट किया है। उनके कथनानुसार-“मानसिक आयु किसी व्यक्ति के द्वारा विकास की सीमा की वह अभिव्यक्ति है, जो उसके कार्यों द्वारा जानी जाती है तथा किसी आयु विशेष में उसकी अपेक्षा होती है।”
बुद्धि परीक्षा के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि जिस बालक ने 10 वर्ष की आयु के सामान्य बालकों के समान कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है, उसकी मानसिक आयु 10 वर्ष होगी। यदि 8 वर्ष का बालक ऐसे कार्य कर लेता है, जिसको 9 वर्ष का बालक कर पाता तो उस बालक की मानसिक आयु १ वर्ष होगी।
इसका अर्थ है कि “मानसिक आयु किसी विशिष्ट उम्र में बालक की मानसिक परिपक्वता को बताती है। यही परिपक्वता मानसिक आयु है।” बिने परीक्षा के अन्तर्गत “सामान्य मानसिक योग्यता” का मापन किया गया
है।
इसके अनुसार बालक का मानसिक विकास जिस आयु के मध्य पूर्णता के साथ होता है, वह है-14 से 22 वर्ष।
मानसिक आयु निकालने का सूत्र
बुद्धि-लब्धि बालक में स्थित बुद्धि की मात्रा का मापन है। टरमैन ने मानसिक आयु के बदले बुद्धि-लब्धि की विधि खोजी, मानसिक आयु निकालने के लिये बुद्धि-लब्धि को वास्तविक आयु से गुणा किया जाता है; जैसे-
उदाहरण के लिए
जैसे– यदि बालक की वास्तविक आयु 8 वर्ष है और वह 10 वर्ष के सामान्य बालको का कार्य पूर्ण कर लेता है तो उसकी मानसिक आयु 10 वर्ष होगी। दशमलव को पूर्ण बनाने के लिये 100 से गुणा कर देते हैं।
बुद्धि-लब्धि प्रतिभा का सूचकांक है। प्रतिभा की यह मात्रा या मानसिक अभिवृद्धि टरमैन द्वारा बनायी गयी एवं डॉ. मैरिलक द्वारा स्वीकृत की गयी तालिका द्वारा प्रदर्शित की गयी है-
| बुद्धि-लब्धि | प्रतिभा |
|---|---|
| 140-169 | अति प्रतिभाशाली |
| 120-139 | प्रतिभाशाली |
| 110-119 | अति उत्कृष्ट |
| 90-109 | उत्कृष्ट |
| 80-89 | सामान्य |
| 70-79 | मंद |
| 60-69 | निर्बल बुद्धि |
| 50-59 | हीन बुद्धि |
| 25-49 | मूर्ख |
| 0-24 | जड़ |
शिक्षा की आयु (Scholastic age)
शिक्षा-लब्धि (Scholastic Quotient)
बर्ट ने अपनी पुस्तक “मानसिक तथा शिक्षा-लब्धि परीक्षण” में बुद्धि के आधार पर वर्गीकरण तथा शिक्षा की आयु एवं शिक्षा-लब्धि को स्पष्ट किया। इसे विभिन्न बुद्धि परीक्षणों से मापा जाता है।




