रीतिवाचक क्रियाविशेषण – परिभाषा, उदाहरण, भेद एवं अर्थ

परिभाषा

रीति वाचक क्रियाविशेषण वे होते हैं जो क्रिया विशेषण शब्द क्रिया के घटित होने की तरीके या रीति से सम्बंधित विशेषता का ज्ञान करवाते है, उन्हें रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहते है ।

उदाहरण

शनै: –  धीरे,  पुन:/ भूय:/ मुहु: –  फ़िर,  यथा – जैसे,  तथा – वैसे आदि रीतिवाचक क्रियाविशेषण के उदाहरण हैं।

कुछ रीति वाचक क्रियाविशेषण एवं अर्थ

रीतिवाचक क्रियाविशेषण अर्थ
शनै: धीरे
पुन:/
भूय:/ मुहु:
फ़िर
यथा जैसे
तथा वैसे
सहसा /
अकस्मात्
अचानक
सम्यक् ठीक से
असक्रत बार-बार
कथञ्चित् /
कथञ्चन
किसी प्रकार
अजस्रम् लगातार
इत्यम् इस प्रकार
एवम् इस प्रकार

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