Pratham Singh in Fitter Theory
वाइस के प्रकार का वर्णन कीजिये

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Deva yadav

वाइस के प्रकार

वाइस के प्रकार निम्न प्रकार से हैं-

(1.)बेंच वाइस

किसी भी कार्यशाला में लकड़ी की मेज में फिट करके उपयोग में लाई जाने वाली वाइस, बेंच वाइस (bench vice) कहलाती है”।
किसी भी कार्यशाला (workshop) के लिए सबसे अधिक आवश्यक वाइस बेंच वाइस होती है।

(2.)मशीन वाइस

“किसी भी कार्यशाला में मशीन के टेबल या बेस पर फिट करके उपयोग में लाई जाने वाली वाइस, मशीन वाइस (machine vice) कहलाती है”।

(3.)पाइप वाइस

इस वाइस के आधार में ‘V’ ग्रूव का स्थिर जबड़ा (fixed jaw) होता है। तथा चल जबड़ा स्पिण्डल के द्वारा वर्टिकल फ्रेम (vertical frame) में चलता है। और दोनों जबड़ो में 90° का ग्रूव होता है।
यह दोनों जबड़े ढलवाँ स्टील (cast steel) के बने होते हैं, जिन्हें ऊष्मा उपचार (heat treatment) द्वारा हार्ड किया जाता है। और जॉब को मजबूती से पकड़ने के लिए जबड़ो में दाँते भी कटे होते हैं।
इसका उपयोग (use) गोल पाइप व छड़ आदि को पकड़ने के लिए किया जाता है।

(4.)लैग वाइस

इस वाइस में एक लम्बी टाँग (long leg) होती है, जिसके ऊपरी सिरे में स्थिर जबड़ा होता है तथा निचला सिरा जमीन तक जाकर एक लकड़ी (wood) के लट्ठे पर टिका होता है। इसको किसी मजबूत व भारी मेज (table) के ऊपर कस दिया जाता है। इसकी बड़ी टाँग से एक छोटी टाँग कब्जे जोड़ के द्वारा जुड़ी रहती है, जिसके ऊपरी भाग में चल जबड़ा (movable jaw) होता है।

यह चल जबड़ा एक स्पिण्डल के द्वारा स्थिर जबड़े के सापेक्ष आगे-पीछे चलता है। यह स्पिण्डल (spindle) स्थिर जबड़े में लगे नट में गति करता है।

मैटेरियल

यह वाइस माइल्ड स्टील (mild steel) की बनी होती है, तथा इसके जबड़े स्टील प्लेट (steel plate) के वैल्ड किए होते हैं।

उपयोग

इसका उपयोग ब्लैकस्मिथी तथा बॉयलर शॉप (Blacksmith and Boiler Shop) में भारी जॉबों को पकड़ने के लिए किया जाता है।

(5.)हैण्ड वाइस

इस वाइस की बनावट लैग वाइस (leg vice) के समान ही होती है, परन्तु यह साइज में बहुत छोटी होती है। इसमें साइज में छोटे जॉबों (small job) को पकड़ा जाता है। और इसको जॉब के साथ हाथ में पकड़कर प्रयोग में लाया जाता है, इसलिए इसे हैण्ड वाइस (hand vice) कहते हैं।
इसके दोनों जबड़े एक सिरे पर कब्जा जोड़ बनाते हैं, तथा दूसरे सिरे पर जॉब की पकड़ मजबूत करने के लिए जबड़े (jaw) को दाँतेदार बनाया जाता है। और दोनों जबड़ो के बीच एक पत्ती स्प्रिंग (one leaf spring) होती है। जॉब को पकड़ने के लिए एक विंग नट का प्रयोग किया जाता है। spring

मैटेरियल

यह पूरी वाइस माइल्ड स्टील (mild steel) की बनी होती है।

साइज

यह मार्केट में 125-150 मिमी तक की लम्बाई तथा 40-44 मिमी तक की चौड़ाई में मिलती है।

उपयोग

इसका उपयोग छोटे जॉब जैसे उपकरण सैक्शन, चाबी (key) बनाने आदि के लिए किया जाता है।

(6.)पिन वाइस

यह अत्यधिक महीन तारनुमा जॉबों जैसे तार, घड़ियों (watch) के पुर्जे आदि को पकड़ने के काम आती है, इसलिए इसे पिन वाइस (pin vice) कहते हैं। इसके द्वारा पतली छड़, घड़ी की शाफ्ट या पिनियन आदि को पकड़कर उन पर मशीनी कार्य किया जाता है। जॉब को पकड़ने के लिए इसके एक सिरे पर ड्रिल चक (drill chuck) की तरह के जबड़े होते हैं, जो आवश्यकतानुसार हैण्डिल के घुमाने पर खुलते तथा बन्द होते हैं।
इसकी बॉडी पिन (pin) की तरह होती है। और इसकी पकड़ बढ़ाने के लिए बॉडी पर नर्लिंग (knurling) की गई होती है। इसकी पूरी लम्बाई में छेद (hole) किया है। इसका उपयोग छोटे उपकरणों (small devices) को पकड़ने के लिए किया जाता है।

(7.)टूल मेकर्स वाइस

यह आकार में बहुत छोटी (very small) तथा पूरी स्टील की बनी होती है। इसके जबड़े प्लेन होते हैं, जिससे जॉब की सतह पर निशान (mark) नहीं पड़ते। और इसको टूल मेकर द्वारा बारीक मशीन संक्रियाएँ (process) करने के लिए काम में लाया जाता है।

(8.)न्यूमैटिक वाइस

यह एक विशेष प्रकार (special type) की वाइस होती है। इसमें स्पिण्डल की आवश्यकता नहीं होती है। इसके द्वारा जॉब को पकड़ने के लिए वायु दाब (air pressure) का उपयोग किया जाता है। इसके जबड़ो को खोलने व बन्द (open and close) करने के लिए वाल्व लगे होते हैं।

(9.)हाइड्रॉलिक वाइस

यह आधुनिक वाइस (modern vice) है। इसके जबड़ो को खोलने व बन्द करने के लिए हाइड्रॉलिक दाब (hydraulic pressure) का उपयोग किया जाता है तथा इस दाब को वाल्वों द्वारा कंट्रोल किया जाता है।

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