Soni in Pedagogy
What is personal communication? Explain the merits and demerits of personal communication. वैयक्तिक सम्प्रेषण क्या है? वैयक्तिक सम्प्रेषण के गुण-दोष बताइये। vaiyaktik sampreshan kya hai? vaiyaktik sampreshan ke gun-dosh bataiye.

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Aritra

जब शिक्षक प्रत्येक बालक को अलग-अलग शिक्षण देता है तो इसे वैयक्तिक सम्प्रेषण कहते हैं। ए.जी. मेलबिन ने वैयक्तिक सम्प्रेषण की परिभाषा इस प्रकार दी है, "विचारों का आदान-प्रदान अथवा व्यक्तिगत वार्तालाप द्वारा बालकों को अध्ययन में सहायता, आदेश तथा निर्देश प्रदान करने के लिये शिक्षक का प्रत्येक बालक से पृथक्-पृथक् साक्षात्कार करना।"

वैयक्तिक सम्प्रेषण के गुण

  1. इस विधि के अनुसार शिक्षा का केन्द्र बालक होता है। अत: यह विधि मनोवैज्ञानिक है।
  2. इस विधि में बालक स्वयं करना सीखता है।
  3. यह विधि बालक को क्रियाशील बनाती है। इससे बालक अधिक ज्ञान अर्जित करने में समर्थ होता है।
  4. इस विधि में बालक ज्ञान अर्जित करने के लिये प्रेरित किया जाता है।
  5. व्यक्तिगत सम्प्रेषण में शिक्षक, बालक पर अपने व्यक्तित्व का प्रभाव डालने में समर्थ रहता है।
  6. यह विधि रोचक है। इस विधि के अनुसार शिक्षा व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुसार दी जाती है।
  7. सीखना व्यक्तिगत कार्य है। यह विधि इस सिद्धान्त का समर्थन करती है।
  8. इस विधि में शिक्षक, बालक पर व्यक्तिगत ध्यान दे सकता है।
  9. शिक्षक इस विधि के अनुसार यह जान जाता है कि बालक को कौन-सा विषय किस विधि से पढ़ाया जाना चाहिये?

वैयक्तिक सम्प्रेषण के दोष

  1. यह विधि व्ययपूर्ण है। प्रत्येक समाज इसकी व्यवस्था नहीं कर सकता।
  2. क्या यह सम्भव है कि प्रत्येक छात्र के लिये एक शिक्षक का प्रबन्ध किया जा सके? किसी देश में भी ऐसा नहीं किया जा सकता है।
  3. इस विधि के द्वारा बालक में सामाजिकता के गुण उत्पन्न नहीं किये जा सकते। बालक समाज से अलग रहता है।
  4. इस विधि से शिक्षक अपने और बालक के समय को नष्ट करता है। इस प्रकार समय और शक्ति का अपव्यय होता है।
  5. कुछ विषय एक साथ पढ़ाये जाते हैं। संगीत, गायन आदि विषय सामूहिक रूप से पढ़ाये जाने पर अधिक रोचक होते हैं।

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