Pratham Singh in सामान्य हिन्दी
हिन्दी नाटक के विकास में जयशंकर प्रसाद के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।

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Deva yadav

हिन्दी नाटक के विकास में जयशंकर प्रसाद के योगदान 

प्रसाद जी ने भारतीय और पाश्चात्य नाट्य-कला के तत्वों को मिलाकर एक नवीन शैली का विकास किया। इनके सामाजिक एवं ऐतिहासिक नाटकों में संघर्ष की प्रधानता है तथा मनोवैज्ञानिक चरित्र-चित्रण के साथ नवीन शैली का प्रयोग किया गया है। साहित्यिकता एवं मंचीयता इनके नाटकों की विशेषता है।

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