Pratham Singh in Computer
सेकेंडरी मेमोरी के प्रकार के बारे में बताइये

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Deva yadav

सेकेंडरी मेमोरी के प्रकार

Secondary Memory को मुख्य रूप से चार भागों में वर्गीकृत किया जाता है:

  1. Magnetic Tape
  2. Magnetic Disk
  3. Optical Disk
  4. Flash Memory

1. Magnetic Tape

इलेक्ट्रॉनिक डेटा को स्टोर करने के लिये Magnetic Tape सबसे पुरानी स्टोरेज डिवाइस में से एक है। हालांकि कंप्यूटरों में इसका उपयोग बहुत समय पहले ही बंद हो गया था। ये एक Sequential Access Memory होती है, जिसमें स्टोर डेटा को क्रम में ही एक्सेस किया जा सकता है। उदाहरण के लिये पुराने समय मे उपयोग होने वाली Audio Cassette जिसमें अगर पांच Recording सेव है और आप चौथे नम्बर वाली को सुनना चाहते है। तो आप उसे सीधे Play नही कर सकते।

इसके लिए आपको पहली तीन रिकॉर्डिंग को क्रम में चलाना होगा तब जाके आप चौथी नंबर वाली पर पहुंच पाएंगे। अक्सर ऐसा करने के लिये टैप में लगी रिबन को घुमाया जाता था ताकि पहली तीन रिकॉर्डिंग को फास्ट फॉरवर्ड किया जा सके। कंप्यूटर में उपयोग होने वाली इन Tape Drive का डिज़ाइन आम कैसेट की तरह होता है जिसके दोंनो तरफ Plastic ribbon की रील लगी होती है जिसमें  Binary data स्टोर किया जाता था।

2. Magnetic Disk Drive

Magnetic Disk को कंप्यूटर में एक मुख्य Secondary Memory के रूप में उपयोग किया जाता है। इसमें Metal से बनी एक गोलाकार Plate लगी होती है, जिस पर चुम्बकीय पदार्थ की परत चड़ी होती है। इन्हीं डिस्क प्लेट की सतह पर जानकारी स्टोर की जाती है। Magnetic Disk में इस धातु प्लेट जिसे Platter कहते है के अलावा एक Mechanical Arm भी लगा होता है। इसका काम प्लेटर की सतह में से डेटा को प्राप्त (Read) और स्टोर (Write) करना होता है।

इन Memory में Direct Access Method का प्रयोग किया जाता है डेटा को प्राप्त करने के लिये। जिसका अर्थ हुआ कि यूजर इन Secondary Memory में स्टोर किसी भी जानकरी को सीधे एक्सेस कर सकता है। Magnetic Disk के कई सारे उदाहरण है परन्तु जिन्हें मुख्य रूप से Secondary Memory के लिये कंप्यूटर में उपयोग किया जाता है वे इस प्रकार है-

  • Hard Disk Drive   इसे कंप्यूटर की प्रमुख डेटा स्टोरेज डिवाइस कहा जाता है। क्यूंकि यह सिस्टम में मौजूद एकमात्र Memory Device है जो ऑपरेटिंग सिस्टम, कंप्यूटर एप्लिकेशन और आपकी डेटा फाइलों को लंबे समय तक स्टोर करके रखती है। जिस कारण इसे Permanent Storage Device भी कहते है। Hard Drive कंप्यूटर केस के अंदर मौजूद होती है और डेटा केबल (PATA, SATA, SCSI) के माध्यम से कंप्यूटर में सिस्टम बोर्ड से कनेक्टेड होती है। आमतौर पर इनकी स्टोरेज कैपेसिटी बहुत अधिक होती है।
  • Floppy Disk: यह एक Removable Magnetic Disc होती है। जिसका उपयोग 1990 के दशक तक कम्प्यूटरों में मुख्य स्टोरेज डिवाइस के रूप में किया जाता था। हालांकि इसके बाद Optical Drives और Hard Disk ने धीरे-धीरे इसकी जगह लेनी शुरू कर दी। इसे Floppy Diskette भी कहा जाता है। यह एक लचीली Magnetic Disk की बनी होती है जिसे एक वर्ग के आकार के प्लास्टिक केस में फिट किया गया होता है।

अगर Floppy Disk में से जानकारी को Read/Write करना है तो उसके लिये आपके कंप्यूटर सिस्टम में एक Floppy Disk Drive (FDD) लगा होना चाहिये। यही कारण है कि आधुनिक कंप्यूटर में जानकारी स्टोर करने के लिये इनका उपयोग बिल्कुल बंद हो गया है। हालांकि एक कारण और है, कि Floppy Disk बहुत ही कम मात्रा में डेटा स्टोर कर सकती है। एक सामान्य 3.5 इंच डिस्क में मात्र 1.44 MB डेटा ही स्टोर किया जा सकता है।

3. Optical Disc

Optical Disc भी एक स्टोरेज माध्यम है, जिसका उपयोग हम कंप्यूटरों में अतिरिक्त Secondary Memory के रूप में करते है। इन Disc का उपयोग आमतौर पर म्यूजिक, वीडियो और सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को स्टोर करने के लिये किया जाता है। इनमें डिजिटल डेटा को रिकॉर्ड और पुनःप्राप्त करने के लिये Laser Beam का उपयोग होता है। हालांकि यह Hard Disk के जितना डेटा स्टोर नही कर सकती परन्तु Floppy Disk के मुकाबले इनकी स्टोरेज कैपेसिटी बहुत अधिक होती है।

अधिकतर उपयोग होने वाली कुछ प्रमुख Optical Disc इस प्रकार है-

  • Compact Disc (CD): यह प्लास्टिक से बनी एक गोलाकार Disc होती है, जो Optically डेटा को स्टोर करती है। अर्थात इसमें जानकारी को स्टोर और पुनःप्राप्त करने के लिये Light का उपयोग किया जाता है। CDs का उपयोग ऑडियो, वीडियो और एप्लीकेशन को स्टोर करने के लिये होता है। यह Removable होती है, यानी इसे सिस्टम में डाला और हटाया जा सकता है। एक CD में यूजर 700MB तक डेटा रख सकता है।
  • Digital Versatile Disc (DVD): आमतौर पर इसे Digital Video Disc भी कहा जाता है। यह CD के समान ही होती है। हालांकि इनमें बड़ी मात्रा में डेटा स्टोर किया जा सकता है। इन Disc की स्टोरेज क्षमता 4.7 GB से 8.5 GB तक होती है। मुख्य रूप से High-Definition (HD) वाले वीडियो या मूवीज स्टोर करने के लिये उपयोग होती है।
  • Blue-ray Disc: यह भी एक प्रकार की Optical Disc है जो आकार में CD और DVD के समान ही होती है। परन्तु इसमे इन दोनों से कई गुना अधिक डेटा स्टोर किया जा सकता है। एक Blue-ray Disc लगभग 25 GB डेटा को रख सकती है। इनमें मुख्य रूप से High-Definition की वीडियो या मूवीज स्टोर की जाती है। चूंकि डेटा को Read करने के लिए Blue Laser का उपयोग होता है, जिस कारण इसे Blu-ray कहा जाता है।

4. Flash Memory

यह एक बेहद ही लोकप्रिय Secondary Memory है, जिनका अधिकतर उपयोग डेटा का Backup रखने के लिये किया जाता है। यह अन्य Memory Device से इसलिए भिन्न है, क्योंकि इसमें डेटा को Electrically स्टोर और डिलीट किया जाता है। आमतौर पर यह एक प्रकार की EEPROM है। चूंकि ये Removable Storage Device है इसलिए इनका उपयोग एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डेटा ट्रांसफर करने के लिये भी किया जाता है। आजकल External Memory के रूप में इनका उपयोग बहुत अधिक बढ़ गया है।

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